
शस्त्र पूजा के लिए महिला आईपीएस को नोटिस
कभी मध्य प्रदेश का हिस्सा माने जाने वाले छत्तीसगढ़ जिले के एक महत्वपूर्ण जिले राजनांदगांव में पुलिस अधीक्षक का पदभार संभाल रही अंकिता शर्मा ने विजयदशमी के पूजन उपरांत छत्तीसगढ़ पुलिस के महत्वपूर्ण हथियार एक-47 से हवाई फायर किया। आईपीएस अधिकारी अंकित शर्मा केवल अकेली ऐसी अधिकारी नहीं है जिन्होंने विजयदशमी की पूजा के उपरांत वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया हो। कई दशकों से पुलिस लाइन, में कलेक्ट्रेट में, यहां तक कि सामान्य शस्त्र लाइसेंस धारी के द्वारा भी विजयदशमी की पूजा के उपरांत सांकेतिक रूप से हवाई फायर किया जाता है।
यह बात जरूर है कि इस दौरान हर तरह की सावधानी बरती जाती है और इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है कि किसी को चोट ना लगे कोई घायल ना हो।
बहरहाल मामला आईपीएस अधिकारी के द्वारा एक-47 से पूजन के उपरांत की गई हवाई फायरिंग को लेकर दिए गए नोटिस से मचे हल्ले से संबंधित है। ऐसी स्थिति में तो पूरे देश में हजारोंं की संख्या में सरकारी अधिकारियों को नोटिस जारी करने का कार्य सरकारों को करना होगा जिन्होंने विजयदशमी पर वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया है।
महिलाओं को वैसे भी शक्ति स्वरुप माना जाता है और एक सशक्त महिला अधिकारी के रूप में लेडी सिंघम की पहचान रखने वाली आईपीएस अधिकारी अंकित शर्मा की विरोधी लॉबी ने अपना काम दिखाया और सोशल मीडिया में उन्हें ट्रोल करने का सिलसिला चल पड़ा।
जबकि कई कलेक्टर, आईएएस, आईपीएस तथा कई जनप्रतिनिधियों ने भी परंपरा का निर्वहन करते हुए विजयदशमी की शस्त्र पूजा के उपरांत शस्त्रों से हवाई फायर किए सोशल मीडिया पर इसके हजारों वीडियो उपलब्ध है।
फिर सिर्फ आईपीएस अधिकारी अंकित शर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा कारण बताओं नोटिस क्यों जारी किया गया यह नोटिस तो दर्जनों आईपीएस और आईएएस अधिकारियों तक पहुंचना चाहिए और उनसे पूछे जाना चाहिए कि उन्होंने आखिर इस परंपरा का निर्वहन क्यों किया। छत्तीसगढ़ सरकार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अब यह भी पूछा जा रहा है कि क्या डकैत और नक्सलियों के द्वारा जो हवाई फायरिंग के वीडियो वायरल होते थे उस दौरान उनका यह शो कॉज नोटिस जारी होता था। सोशल मीडिया में नकारात्मक कमेंट के आधार पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने शो काज नोटिस देकर जब राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक आईपीएस अंकित शर्मा से स्पष्टीकरण मांगा है। इस स्पष्टीकरण पर वह अपना अभिमत देकर फाइल को आगे निर्देश प्राप्त करने के लिए अग्रेषित करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने यह नहीं बताया कि जो अन्य अधिकारी इस प्रकार से हवाई फायरिंग करते नजर आए हैं उनके खिलाफ क्या शो कॉज नोटिस जारी हो रहा है।
इस मामले में सोशल मीडिया पर आईपीएस अंकित शर्मा के पक्ष में भी हजारों कॉमेंट दर्ज है जिसके कारण महिला पुलिस अधिकारियों सहित पुलिस विभाग की छवि पर चार चांद लगे हैं और एक सम्मान और गर्व के भाव से उन्हें देखा जा रहा है।




