
कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी, शाह और योगी से कहा- व्यापक जाँच क्यों नहीं कराई जा रही
नई दिल्ली। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदे और चढ़ावे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर मंदिर को मिले दान, श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे के आंकड़ों को लेकर सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच कराने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस नेता जयराम ने अपनी पोस्ट में कहा कि भगवान को समर्पित धन की चोरी को धार्मिक दृष्टि से महापाप माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदे और चढ़ावे को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों को ट्रस्ट में शामिल किया था। ऐसे में उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले पर जवाब देने की मांग की। जयराम ने कहा कि देश की जनता यह जानना चाहती है कि राम मंदिर निर्माण के लिए कितने करोड़ लोगों ने दान दिया और कुल कितनी राशि जमा हुई। उन्होंने आरएसएस और ट्रस्ट के हवाले से दावा किया कि 2021 के निधि समर्पण अभियान में निधि समर्पण और कॉर्पस दान मिलाकर 3,264 करोड़ रुपये जमा हुए थे।
उन्होंने श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया। कांग्रेस नेता के अनुसार, वर्ष 2024 के नौ महीनों में 13.55 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे, जबकि 2025 के महाकुंभ के दौरान करीब 10 करोड़ अतिरिक्त श्रद्धालुओं के अयोध्या आने का दावा किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि एक अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच 16 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात कही गई, जबकि इस अवधि में चढ़ावे की राशि 82.78 करोड़ रुपये बताई गई। जयराम ने इन आंकड़ों के आधार पर चढ़ावे की राशि पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की। हालांकि, इन अलग-अलग अवधियों के आंकड़ों और उनके आधार पर निकाले गए निष्कर्षों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। कांग्रेस नेता ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए व्यापक जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया कि मामले की जांच क्यों नहीं कराई जा रही है। जयराम रमेश ने कहा कि मंदिर में दान देने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और उनके योगदान से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने भाजपा और संबंधित संस्थाओं से दान तथा चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।




