
लगातार निरीक्षण कर जमीनी हकीकत भांपने में जुटे अधिकारी
जबलपुर, (जयलोक)। जिले के मुखिया के रूप में विगत दिनों कलेक्टर का दायित्व संभाल चुके आईएएस अरुण कुमार विश्वकर्मा एवं उसके कुछ दिन बाद नगर निगम आयुक्त का पदभार संभालने आए आइएएस अग्रिम कुमार ने चल रहे विभिन्न शासकीय कार्यों में कसावट लाने का दौर शुरू कर दिया है। वर्तमान समय में जनसेवक के रूप में पदस्थ होने वाले अधिकारी पदस्थापना के दूसरे दिन से ही मैदान में उतर चुके हैं और जल्द से जल्द शहर की आवोहवा के साथ भौगोलिक स्थितियों और कार्यों की चुनौतियों को समझने का प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में नगर में नवपदस्थ हुए दोनों आईपीएस अधिकारी अपने अपने कार्यक्षेत्र को तेजी से समझने और चल रहे कार्यों को अधिक गति प्रदान करने के उद्देश्य से लगातार अधिनस्थ अधिकारियों के साथ बैठकें कर मैदान में उतरकर जमीनी हकीकत भी भांपने में जुटे हैं।
नवागत अधिकारी पदभार संभालते ही प्रशासनिक कार्यों में कसावट लाने की खबरें अक्सर मीडिया में प्रमुखता से दिखाई देती हैं। जब भी किसी जिले में नए कलेक्टर, एसपी या निगमायुक्त की नियुक्ति होती है, तो वे प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए कड़े कदम उठाते हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के कई जिलों में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद नवागत कलेक्टर ने एक्शन मोड में काम शुरू किया है। जिसका नजारा शहर में भी देखने को मिल रहा है।
शहर के नवागत कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और नगर निगम आयुक्त अग्रिम कुमार ने पदभार ग्रहण करते हुए उसी दिन से जिले में चल रहीं शासकीय योजनाओं की स्थितियों का आंकलन करने के लिए अपने अधीनस्थ विभिन्न विभागों की बैठकें लीं। अगले दिन से अधिकारी अपने अपने कार्यक्षेत्र के अनुरूप दौरे पर निकले और चल रहे कार्यों की वस्तुस्थिति देखकर शासकीय कार्यों की परिस्थितियों का आंकलन किया।
कलेक्टर जिले का मुख्य अधिकारी होता है और जिले में गठित होने वाली हर विकासशील गतिविधियों से लेकर अच्छे बुरे हर घटनाक्रम के लिए जिम्मेदारी उठाते हैं। इसी प्रकार नगर निगम आयुक्त का कार्य शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ साथ शहर के समुचित विकास की ओर भी अग्रणी भूमिका में काम करना होता है। अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप दोनों अधिकारियों ने दायित्वों का निर्वाहन शुरू कर दिया है। प्रथमदृष्टया इन दोनों आईएएस अधिकारियों की छवि अपने अधीनस्थों के बीच में कार्य पसंद और तेज तर्रार अधिकारी के रूप में निर्मित होती नजर आ रही है।
बैठकों में भी चेतावनी भरे सख्त लहजे में शासकीय कार्यों और योजनाओं के प्रति लापरवाही बर्दाश्त ना करने की बातें कही जा चुकी हैं। नगर निगम आयुक्त अग्रिम कुमार ने लापरवाही पर जल विभाग के एक कर्मचारी को अपने कार्यकाल के दूसरे ही दिन नोटिस थमा कर अधीनस्थों में स्पष्ट संदेश दिया है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने सामान्य प्रशासनिक कार्यों, विकास की योजनाओं के अलावा जिले को और विकसित करने के लिए अपनी कुछ अलग प्राथमिकताएं निर्धारित की हैं जिसके अनुरूप आने वाले समय में वे इस दिशा में अग्रसर होते नजर आएंगे। अधिकारियों की यह सजग कार्यप्रणाली जिले के विकास को गति प्रदान करने के अच्छे संकेत दे रही है वहीं कामचोरों, जुगाड़बाजों और भ्रष्टाचारियों की पेशानी पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।





