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आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सेवाओं पर उठे सवाल

आम लोगों की पहुँच से दूर हैं 272 आरोग्य मंदिर

जबलपुर, (जय लोक)। शासन द्वारा संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर द्वारा दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं। उपचार के लिए बनाए गए ये आरोग्य मंदिर आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। इन आरोग्य मंदिरों की उपलब्धियाँ सिर्फ आंकड़ों तक ही सीमित रह गई हैं। जिले में लोगों को घर के करीब प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 272 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित होने का सरकारी आंकड़ा सामने आया है। लोकसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार 15 जुलाई 2025 तक मध्यप्रदेश में 12,346 और जबलपुर जिले में 272 आयुष्मान आरोग्य मंदिर दर्ज थे। संख्या के लिहाज से जिले में इन आरोग्य मंदिरों को नेटवर्क बहुत बड़ा है, लेकिन अब सवाल इन केंद्रों की वास्तविक पहुंच और उपयोगिता का है। आम नागरिकों के लिए यह जानना कितना आसान है कि उसके घर के पास कौन सा केंद्र है, वहां कौन-कौन सी सेवाएं मिलती हैं और स्वास्थ्यकर्मी किस समय उपलब्ध रहते हैं।

लोकेशन और सेवाओं की जानकारी भी जरूरी
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंच के दायरे में लाना है। इनके जरिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सामान्य बीमारियों के उपचार, टीबी देखभाल, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल, प्राथमिक आपात सहायता, दवाएं और जांच जैसी सेवाओं का विस्तार किया जाना है। ऐसे में 272 केंद्रों की मौजूदगी का लाभ तभी प्रभावी रूप से मिल सकता है, जब लोगों को इनके स्थान, समय और उपलब्ध सेवाओं की स्पष्ट जानकारी हो।

स्टाफ  और नियमित संचालन से तय होगी उपयोगिता
किसी केंद्र का संचालन केवल भवन या नाम दर्ज होने से सुनिश्चित नहीं होता। मरीजों के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता, निर्धारित समय पर केंद्र का खुलना, दवाओं का वितरण और जरूरी जांच की सुविधा इसकी उपयोगिता की अहम कड़ी हैं। यदि किसी क्षेत्र में केंद्र मौजूद है, लेकिन डॉक्टर, सीएचओ या अन्य स्वास्थ्यकर्मी नियमित उपलब्ध नहीं हैं, तो मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए भी बड़े अस्पताल या निजी क्लीनिक जाना पड़ सकता है।

नियमित निगरानी जरूरी
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह सहित गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और प्रबंधन के साथ आवश्यक दवाओं तथा डायग्नोस्टिक सेवाओं की व्यवस्था का प्रावधान है। जबलपुर के 272 केंद्रों पर इन सुविधाओं की वास्तविक उपलब्धता की नियमित जानकारी सार्वजनिक होने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने केंद्रों पर ओपीडी, दवा वितरण, जांच और स्क्रीनिंग नियमित रूप से हो रही है।

ब्लॉकवार जानकारी से साफ  होगी तस्वीर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पोर्टल पर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से संबंधित राज्य और जिला स्तर की जानकारी उपलब्ध है। जबलपुर के संदर्भ में ब्लॉकवार केंद्र सूची, सटीक लोकेशन, उपलब्ध सेवाएं, पदस्थ स्वास्थ्यकर्मी, संचालन समय तथा दवा और जांच की स्थिति जैसी जानकारी जनता के लिए आसानी से उपलब्ध कराना उपयोगी होगा। इससे सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज 272 केंद्रों और उनकी जमीनी उपयोगिता की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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