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Home » अपराध » इंसाफ की आस में थम गई सांसें, माढ़ोताल थाने के सामने आग लगाने वाले युवक की मौत, आक्रोश, पीडि़त परिवार न्याय दिलाने की गुहार लेकर पहुँचा पूर्व विधायक विनय सक्सेना के पास, इंसाफ के लिए आज शाम तय था थाने के समक्ष प्रदर्शन

इंसाफ की आस में थम गई सांसें, माढ़ोताल थाने के सामने आग लगाने वाले युवक की मौत, आक्रोश, पीडि़त परिवार न्याय दिलाने की गुहार लेकर पहुँचा पूर्व विधायक विनय सक्सेना के पास, इंसाफ के लिए आज शाम तय था थाने के समक्ष प्रदर्शन

जबलपुर (जय लोक)।विगत पाँच जुलाई को दिल दिमाग को झंझोड़ देने वाली घटना माढ़ोताल थाने के सामने घटित हुई थी। बेहद गरीब परिस्थितियों के एक व्यक्ति ने अपनी पीड़ा पर सुनवाई ना होने के कारण माढ़ोताल थाने के सामने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लिया था। विगत 6 दिनों से वह जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। आज शाम उसको इंसाफ दिलाने के लिए माढ़ोताल थाने के सामने पीडि़त व्यक्ति के परिजनों का धरना प्रदर्शन निर्धारित हुआ था लेकिन इसी बीच यह दुखद खबर आई कि आत्मदाह करने वाले व्यक्ति जीवन का संघर्ष हार गया है। उसकी मृत्यु के बाद आक्रोश और अधिक पनप गया है। आज सुबह ही पीडि़त परिवार की महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में इंसाफ दिलाने की माँग को लेकर पूर्व विधायक विनय सक्सेना से मिले थे और बताया था कि पीडि़त के द्वारा बयान में तीन लोगों के नाम लिए गए हैं फिर भी पुलिस कार्रवाही नहीं कर रही है। पूर्व विधायक श्री सक्सेना ने पीडि़त परिवार को हर संभव मदद और उसे इंसाफ दिलाने के संघर्ष में हर कदम साथ रहने का आश्वासन दिया था।
पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने कहा कि पीडि़त गंगाराम आत्मदाह जैसे घातक कदम उठाने के लिए इसलिए मजबूर हुआ क्योंकि उसकी सुनवाई थाने में नहीं हो रही थी। वह लगातार भटक रहा था और उसे थाने से बार बार भगा दिया जाता था। श्री सक्सेना ने माँग की कि आखिर क्यों मजिस्टे्रट बयान के दौरान पीडि़त द्वारा लिए गए तीन नामों पर कार्रवाही नहीं हो रही है। परिजनों ने श्री सक्सेना को बताया कि पुलिस ने कभी अपनी तरफ से पीडि़त की पीड़ा जानने की कोशिश नहीं की। यहां तक कि ना तो क्षेत्रीय विधायक और कोई भी जनप्रतिनिधि अति गरीब परिवार के इस पीडि़त व्यक्ति से मिलने पहुँचा।

कभी नहीं आया थाने, सीसीटीवी फुटेज भी  दिखवाए-थाना प्रभारी

उक्त मामले में थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह पंवार ने जयलोक को बताया कि पीडि़त गंगाराम किसी भी प्रकार की शिकायत लेकर उनसे नहीं मिला। थाने आने की बात की पुष्टि करने के लिए थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच करवाई गई। उसमें भी पीडि़त कभी थाने आते नजर नहीं आया। पीडि़त को घटना के बाद तत्काल पुलिस ही अपने वाहन से अस्पताल ले गई थी। थाने से सब इंस्पेक्टर सुरेश को पीडि़त की समस्या जानने के लिए अस्पताल भेजा गया था और वे पीडि़त से मिले भी थे।

ये था मामला

प्रभात नगर निवासी गंगाराम ने 5 जुलाई को माढ़ोताल थाने के सामने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। घटना के पूर्व वह काफी देर तक थाने के सामने बनी दुकान पर बैठा रहा। इसी बीच वह इंसाफ के लिए गुहार लगाता भी दिया। युवक पर आग लगते ही उपस्थित लोगों ने किसी तरह उसकी आग बुझाई और पुलिसकर्मियों ने उसे इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया है। पीडि़त के शरीर का ऊपरी हिस्सा काफी झुलस चुका था जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी।

पुराने मामले में गवाही देने वालों के खिलाफ थी पीडि़त की शिकायत-पुलिस अधीक्षक

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने इस मामले से जुड़े जयलोक के प्रशनों पर उत्तर देते हुए कहा कि पीडि़त व्यक्ति पूर्व में एक मामले में जेल में निरुद्ध था और सजा काटकर बाहर आया था। पीडि़त का आरोप था कि उसे पूर्व के मामले में गलत तरीके से कुछ लोगों ने झूठी गवाही के माध्यम से उसे उक्त आपराधिक मामले में फंसाया था। पीडि़त उन्हीं लोगों के खिलाफ वह कार्रवाही करवाने की बात कह रहा था। लेकिन वो कभी थाने में अपनी शिकायत लेकर नहीं गया। मामले से जुड़े हर बिंदु की जाँच की जा रही है। पीडि़त ने किसी भी पुलिसकर्मी पर प्रताडऩा आदि के आरोप अपने बयान में नहीं लगाए हैं। पीडि़त ने अपने मजिस्ट्रियल बयानों में जो भी तथ्य कथन में दिए हैं उनकी निष्पक्षता से जाँच होगी और उसकी के अनुरूप सख्त कानूनी कार्रवाही की जाएगी।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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