
अब आईआईटी इंदौर की टीम फिर पहुँचेगी जाँच करने
उज्जैन (जयलोक)। उज्जैन के सती गेट इलाके में एक हनुमान प्रतिमा ऐसी अड़ी है कि जेसीबी, क्रेन और मजदूरों की पूरी ताकत भी उसे टस से मस नहीं कर पाई। पिछले दस दिनों से चल रही यह कोशिश अब वैज्ञानिक जांच के दौर में पहुंच गई है, और इसी वजह से यह मामला पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है। आईआईटी इंदौर के विशेषज्ञों की टीम सोमवार को मंदिर परिसर पहुंची थी और करीब दो घंटे तक प्रतिमा और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया था। टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से प्रतिमा की गहराई और उसकी संरचना को समझने की कोशिश की।
अब जानकारी सामने आई है कि गुरुवार को विशेषज्ञों की यही टीम दोबारा तकनीकी जांच के लिए मंदिर पहुंचेगी। बताया जा रहा है कि प्रतिमा बेसाल्ट पत्थर से बनी है और इसे परमार कालीन माना जा रहा है, यही वजह है कि इसे बिना नुकसान पहुंचाए हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।





