
फर्जी पतों पर बनवाए थे 70 पासपोर्ट
ग्वालियर। बांग्लादेशियों के पकड़े जाने का सिलसिला दशकों पुराना है। आमतौर पर उनकी शिनाख्त भिखारी या कबाड़ बीनने वालों के तौर पर ही होती रही है। लेकिन, अब उन्होंने बौद्ध भिक्षु का चोला पहन पुलिस को धोखा देना शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश एसटीएफ की गिरफ्त में आया बांग्लादेशी रियाल चौधरी उर्फ रियाल बरूआ मध्यप्रदेश के बैतूल में बौद्ध भिक्षु बनकर रह रहा था। एसटीएफ ने उसके साथी विप्लव अधिकारी को भी गिरफ्तार किया है। वह भी बौद्ध भिक्षु बनकर ग्वालियर के सिमरिया टेकरी में रह रहा था। एसटीएफ की टीम इन दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है।
खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर- पूछताछ में सामने आया है कि रियाल ने ग्वालियर में रहने वाले अपने गुर्गों की मदद से बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाए थे। ग्वालियर के पते पर कुल 22 और मध्यप्रदेश के अन्य जिलों के पते पर 48 पासपोर्ट जारी हुए। मप्र एसटीएफ अब तक 70 पासपोर्ट का पर्दाफाश कर चुकी है। जाली दस्तावेजों के जरिये पासपोर्ट बनने के कारण मामला विदेश मंत्रालय तक पहुंच गया है। खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं। जांच में सामने आया है कि डबरा के आंबेडकर कालोनी स्थित बौद्ध विहार के पते पर बने पासपोर्ट में सभी को बौद्ध धर्म का अनुयायी बताया गया था। पता लगा है कि यह लोग बौद्ध भिक्षुओं द्वारा पहने जाना वाला वस्त्र चीवर पहनकर रहते थे। इसी भेष में यह बांग्लादेशी चीन, थाईलैंड, जापान, भूटान, बर्मा, मलेशिया आदि देशों में गए थे। इनमें से अब भी कुछ बौद्ध भिक्षु बनकर विदेश में ही रह रहे हैं। भारत लौटने वाले बांग्लादेशियों की देश के अलग-अलग राज्यों में रहने की जानकारी पुलिस को मिली है। एसटीएफ फोटो के जरिये अब इनकी तलाश देशभर में कर रही है। कई राज्यों की पुलिस से भी फोटो साझा किए गए हैं।
एसटीएफ की टीमें असम और बंगाल रवाना- सरगना रियाल चौधरी को एसटीएफ की टीम ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह वर्ष 1971 से पहले असम के रास्ते भारत आ गया था। लेकिन एसटीएफ को उसके बयान पर संदेह है। इसके चलते एसटीएफ की टीमें असम और बंगाल रवाना हो गई हैं। उसका साथी विप्लव अधिकारी बंगाल के रास्ते मप्र तक पहुंचा था।
एक मोबाइल नंबर और पते पर 17 पासपोर्ट- एसटीएफ की पड़ताल में सामने आया है कि कुल 22 पासपोर्टों में से 17 एक मोबाइल नंबर और डबरा के एक ही पते पर जारी हुए। जबकि दूसरे नंबर पर पांच पासपोर्ट जारी हुए।





