
वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार पर शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही की कार्बाइन से अचानक गोली चल गई। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोली सडक़ पर जाकर लगी और उससे छिटकी गिट्टियों ने पास में मौजूद दो दुकानदारों और एक अन्य व्यक्ति को घायल कर दिया। इस घटना में तीन लोग जख्मी हुए हैं, जिन्हें तत्काल कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। राहत की बात यह है कि सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं और उन्हें हल्की चोटें आई हैं। जिस सिपाही की कार्बाइन से गोली चली, वह मंदिर की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात था।
घटना के बाद, मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने तुरंत घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, घायल हुए लोगों की पहचान निक्की गुप्ता, रामबाबू और विकास यादव के रूप में हुई है, जिनके हाथ और पैर में हल्की चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर है। गोली चलने की तेज आवाज सुनते ही मंदिर परिसर और आसपास मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया ताकि किसी तरह की भगदड़ न मचे। जिस पीएसी सिपाही की कार्बाइन से यह दुर्घटना हुई, उसे घटना के तुरंत बाद चौक थाने ले जाया गया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है कि कार्बाइन किस परिस्थिति में गिरी और गोली आखिर कैसे चल गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घायल हुए लोग मंदिर के पास फूल-माला का कारोबार करते हैं। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि सभी घायलों की हालत सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।
काशी विश्वनाथ मंदिर एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहाँ रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था हमेशा से ही कड़ी रहती है ताकि ऐसी किसी भी अप्रत्याशित घटना से बचा जा सके। इस तरह की घटना सुरक्षा प्रोटोकॉल और हथियारों के रखरखाव पर गंभीर सवाल उठाती है। पुलिस जांच के बाद ही कार्बाइन गिरने और गोली चलने के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सुरक्षाकर्मी अपने हथियारों को संभालने में पूरी सावधानी बरतें और आपातकालीन प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें।
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Author: Jai Lok






