
जबलपुर (जय लोक)। बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे का मामला अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुँच गया है। हादसे को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें प्रदेशभर में क्रूज और बोट सेवाओं पर रोक लगाने की माँग उठाई गई है। मामले में आगामी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। जनहित याचिका भोपाल निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कमल कुमार राठी की ओर से दायर की गई है। याचिका में राज्य शासन, एमपी टूरिज्म बोर्ड, आईडब्ल्यूआई, कलेक्टर जबलपुर, पुलिस अधीक्षक सहित आठ पक्षकारों को शामिल किया गया है। वहीं जिला अदालत ने बरगी थाना पुलिस को क्रूज संचालन से जुड़े लोगों के विरूद्ध जाँच कर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जिस पर पुलिस की ओर से कहा गया है कि उच्च स्तरीय जाँच समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसलिए एफआईआर दर्ज करने के लिए समय दिया जाए।

ज्यादा सवारियाँ बिठाने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि बरगी बांध में चला नर्मदा क्रूज तेज आंधी और ऊंची लहरों के बीच पलट गया, जिससे 13 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। याचिकाकर्ता का दावा है कि क्रूज में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया गया था। जहां केवल 29 टिकट जारी किए गए, वहीं 43 से 47 यात्रियों को सवार कर लिया गया।

12 लोगों के बयान दर्ज
बरगी क्रूज हादसे में अब तक 12 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें हादसे में बचे पर्यटक, बचाव कार्य में शामिल लोग, मृतकों के परिजन, तथा मैकल रिसोर्ट में टिकिट विक्रय करने वाला कर्मचारी शामिल हैं। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने एमपी टूरिज्म बोर्ड और क्रूज पायलट की लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह बताया।


कोर्ट ने माँगी एफआईआर की जानकारी
मामले में अदालत ने पुलिस को पत्र लिखकर 24 घंटे के अंदर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट का पत्र मिलने के बाद पुलिस ने जवाब प्रस्तुत कर बताया कि 13 मौतों के मामले में जाँच जारी है। जाँच में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, तकनीकी और वैज्ञानिक परीक्षण समेत अन्य पहलुओं को शामिल किया गया है।
मौसम अलर्ट की अनदेखी
याचिका में यह भी कहा गया है कि मौसम विभाग ने एक दिन पहले ही खराब मौसम और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद कू्रज संचालन जारी रखा गया। आरोप है कि यात्रियों को यात्रा शुरू होने से पहले लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराए गए। जब पानी कू्रज में भरने लगा, तब सुरक्षा इंतजामों की याद आई।
आदेश का भी हवाला
जनहित याचिका में यह तथ्य भी सामने रखा गया है कि बरगी बांध वेटलैंड क्षेत्र के अंतर्गत आता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने वर्ष 2023 में ऐसे क्षेत्रों में मोटर चालित कू्रज संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इसके बावजूद संबंधित विभागों ने संचालन रोकने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।
क्रूज हादसे में मृत लोगों को बरगी कांग्रेस कमेटी ने दी श्रृद्धांजलि
बरगी में हुए क्रूज हादसे में मृत लोगों को कांगे्रस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रृद्धांजलि दी। इसके साथ ही मृतकों के परिवारों को अधिक मुआवजा देने की मांग की गई। हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठी। कांगे्रस ने आरोप लगाया गया कि सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके केवल औपचारिकता निभाने की बात कही गई। श्रद्धांजलि सभा का आयोजन वरिष्ठ नेता बालकृष्ण अग्रवाल के घर पर हुआ। सभा में कई स्थानीय कांग्रेस नेता और नागरिक उपस्थित रहे। जिसमें मुख्य रूप से ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मुन्नी बाई,बालकृष्ण अग्रवाल, बमबम तिवारी, विकास खन्ना, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष रघु चौधरी, वीर सिंह पटेल, शरद सिंह गौर, कमला पटेल आदि उपस्थित रहे।
Author: Jai Lok






