
जबलपुर (जय लोक)। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियाँ युद्ध स्तर पर चालू हो गईं हैं। जबलपुर को नंबर-1 बनाने प्रशासन और शहर एकजुट हो रहा है। महापौर, कलेक्टर, निगमायुक्त लगातार शहर के विभिन्न बुद्धिजीवियों, व्यापारियों और आम नागरिकों के साथ बैठकें कर शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में सभी को अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए जागरूक भी कर रहे हैं और शहर को स्वच्छता में नम्बर वन बनाने का प्रयास भी कर रहे हैं। अब शहर के नागरिकों का फर्ज है कि वे जिम्मेदार बने और स्वच्छता के प्रति अपने संस्कारों का प्रदर्शन कर एकजुटता के साथ अपने शहर जबलपुर को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।
कचरा फेंकते हैं लोग उठाती हैं नगर निगम – शहर के व्यापारिक क्षेत्र हों या आवासीय क्षेत्र हर स्थान पर कचरा फेंकने का काम प्रतिष्ठानों और घरों से किया जाता है। इसके बाद नगर निगम की जवाबदारी होती है कि वे कचरे का संग्रहण करें और उसे कचरा प्लांट तक आगे की कार्रवाही हेतु पहुँचाए। आम नागरिक और व्यापारियों की भी बड़ी जिम्मेदारी है कि वे कचरा फेंकने के लिए बनाई गई व्यवस्था का पालन करें, सडक़ों पर, गली के मोड़ों पर कचरा फेंकने के बजाय कचरे वाले वाहन और डस्टबिन में डालें तो भी स्वच्छता के अभियान में नागरिकों की ओर से बड़ा योगदान हो जाएगा।

20 घंटे चलेगा सफाई अभियान, तीन शिफ्ट में काम
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वच्छता अभियान को तेज करने के निर्देश दिए हैं। अब शहर में सुबह 6 बजे से रात 2 बजे तक तीन शिफ्ट में सफाई अभियान चलाया जाएगा। मुख्य मार्गों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में लगातार सफाई सुनिश्चित की जाएगी। महापौर ने कहा कि नगर निगम के पास संसाधनों और बजट की कोई कमी नहीं है और जनभागीदारी से जबलपुर को नंबर-1 बनाया जाएगा।

कलेक्टर-निगमायुक्त ने गाड़ी पर लगाया स्टीकर –
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अपनी सरकारी गाडिय़ों पर फीडबैक स्टीकर लगाए। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि स्वच्छ सर्वेक्षण में सकारात्मक फीडबैक देकर जबलपुर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा करें। अधिकारियों द्वारा लगातार वार्डों, मुख्य मार्गों और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण भी किया जा रहा है।


नागरिकों का फीडबैक बनेगा निर्णायक
कलेक्टर ने कहा कि शहर की रैंकिंग सुधारने में आम नागरिकों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने लोगों से घर और दुकानों के बाहर डस्टबिन रखने, स्वच्छता ऐप पर फीडबैक देने और सफाई व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। प्रशासन का लक्ष्य केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि जबलपुर को रहने के लिए सबसे स्वच्छ और सुंदर शहर बनाना है।
मैदानी निरीक्षण तेज, कचरा प्रबंधन पर फोकस – निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन का निरीक्षण कर कचरा प्रबंधन की व्यवस्था देखी। उन्होंने सफाई मित्रों से संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया और निर्देश दिए कि शहर में कहीं भी कचरा जमा न हो। कचरा परिवहन और निपटान की प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए।
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Author: Jai Lok






