
पत्नी की मौत के बाद नदी में शव फेंकने निकला था पति
जबलपुर (जय लोक)। गरीबी और लाचारी इंसान से क्या कुछ नहीं करवा देती, इसकी एक रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर शहर में सामने आई। जहां एक लाचार पति पैसे ना होने के कारण पत्नी का अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहा था और अपनी मृत पत्नी का शव नदी में फेंकने जा रहा था। गनीमत रही की नर्स की नजर बुजुर्ग पर पड़ी और उसने स्थिति को भांपते हुए इसकी जानकारी गरीब नवाज कमेटी को दी। जिसके बाद गरीब नवाज कमेटी के सदस्यों की मदद से महिला का अंतिम संस्कार कराया गया।

मामला मंगलवार का है यहां 51 वर्षीय श्याम विश्वकर्मा की पत्नी आरती विश्वकर्मा का 6 महीने पहले एक्सीडेंट हुआ था। तब से महिला की हालत बिगड़ती चली जा रही थी। श्याम ने अपनी पत्नी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था जिसकी मंगलवार को मौत हो गई। श्याम का कहना है कि उसकी आर्थिक हालत खराब है। बेटा होटल में प्लेटें धोकर जीवन यापन कर रहा है तो वह मजदूरी करता है। इसके बाद भी अस्पताल में उनसे पैसे मांगे जाते थे। कुछ दिनों तक तो वे पैसे देते रहे लेकिन जब उनके पास पैसे खत्म हो गए तो उनकी पत्नी की डे्रसिंग नहीं की गई। उसने बताया कि पत्नी के इलाज में करीब 6 हजार रूपये खर्च हो गए।
मेडिकल में हुई सर्जरी
श्याम ने बताया कि उसकी पत्नी का प्रारंभिक इलाज मेडिकल कॉलेज में हुआ। यहां सर्जरी के बाद चिकित्सकों ने नियमित डे्रसिंग कराने की सलाह दी थी। हालत बिगडऩे पर वह पत्नी को लेकर जिला अस्पताल आया था। जहां उसका गैंगरीन वार्ड में इलाज चल रहा था। लेकिन यहा हर दो दिनों में पैसे मांगे जाते रहे जिसके कारण पत्नी का इलाज नहीं हो सका। ड्रेसिंग न होने से उसकी पत्नी के घाव में कीड़े पड़ गए और उसकी मौत हो गई।
कहा पत्नी मछिलयों के काम आ जाएगी
पत्नी की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए पैसे ना होने पर श्याम शव को नदी में फेंकने चला था। उसका कहना है कि पत्नी का शव मछलियों के काम आ जाएगा। जिसके बाद नर्स ने इसकी जानकारी स्वास्थ विभाग के अधिकारियों को दी और गरीब नवाज कमेटी की मदद से शव को गौरीघाट मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कराया गया।
इनका कहना है
इस मामले की जानकारी मिली है और जिसने भी इलाज के नाम पर श्याम से पैसे मांगे है उसकी जानकारी हासिल की जा रही है। जिसके बाद उक्त कर्मचारी पर कार्रवाही की जाएगी।
– डॉ. नवीन कोठारी सीएमएचओ

Author: Jai Lok





