
जबलपुर (जयलोक)। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार लगभग 3 महीने से दिन-रात एक कर शहर को समझने के साथ-साथ नगर निगम में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्य शैली को भी समझ पाने में काफी हद तक सफल हो गए हैं। उसका परिणाम यह है कि अब कुछ नियम बने हैं जिनका सख्ती से परिपालन आयुक्त करवा रहे हैं। उसमें से एक महत्वपूर्ण नियम यह भी है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से संबंधित किसी भी प्रकार से समझौता नहीं किया जाएगा।इसका एक उदाहरण विगत दिनों आदि शंकराचार्य चौक के सौंदर्यीकरण और वहां से अतिक्रमण हटाकर यातायात को और अधिक सुगम बनाने के चल रहे कार्य के आयुक्त द्वारा निरीक्षण के दौरान नजर आया। आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार यहां पर लगातार दौरा कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए निर्देशित कर रहे थे। उद्यान विभाग के अधिकारी और उससे संबंधित ठेकेदारों को यहां पर टपरे ठेले लगाए जाने की जगह फेंसिंग करने के लिए कहा गया था।

एक दिन बाद आयुक्त श्री अहिरवार मौके पर दिए गए निर्देश के संबंध में अवलोकन करने पहुँचे और उन्होंने वहां लगे सीमेंट के पोल और उसमें लगाई गई जाली के कार्य की गुणवत्ता को जाँच करने के लिए जाली को अपने हाथों से हिलाकर मजबूती की जाँच की।

जाँच में जाली में मजबूत नहीं पाई गई और जाली हिल गई और लटक गई। इसके बाद संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को आयुक्त श्री अहिरवार ने फटकार लगाकर हिला दिया और यहां तक की अधिकारी के निलंबन तक की बात आ गई।

अधिकारियों के प्रति नाराजगी के साथ संवेदनशीलता रखने वाले आयुक्त श्री अहिरवार ने उसे अंतिम चेतावनी देते हुए आगे से हर कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की हिदायत देते हुए उन्हें सख्त कार्यवाही से बक्शा। लेकिन इससे जाली हिलने के प्रकरण से अधिकारी और ठेकेदार को आयुक्त श्री अहिरवार ने जिस कदर फटकार लगाकर हिलाया उससे पूरे विभाग में स्पष्ट संदेश गया है कि अब किसी भी कार्य की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
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Author: Jai Lok







