
बारिश के बीच बढ़ा आवारा कुत्तों का आतंक, जिला अस्पताल में बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले
जबलपुर (जयलोक)। बारिश के बीच आवारा कुत्तों का आतंक तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। शहर में कुत्तों के काटने के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसका असर जिला अस्पताल में भी साफ दिखाई दे रहा है। अस्पताल के वैक्सीनेशन कक्ष के बाहर प्रतिदिन लंबी कतारें लग रही हैं, जहां रोजाना 50 से अधिक कुत्तों के काटने के मरीज एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े भी इस बढ़ती समस्या की पुष्टि कर रहे हैं। जून महीने से अब तक जिला अस्पताल में एंटी रैबीज के कुल ढाई हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसमें शासकीय अस्पतालों में कुत्तों के काटने के मरीज सबसे ज्यादा पहुँचे हैं। निजी अस्पतालों के आंकड़े अलग जानकारी बयां कर रही है।
कुत्तों के काटने के सबसे ज्यादा मामले – मिली जानकारी के अनुसार अकेले जून में दर्ज एंटी रैबीज मामलों में सबसे अधिक 555 मामले डॉग बाइट के हैं। 87 मामले बंदर के काटने के, 17 मामले बिल्ली के काटने के अन्य मामलों में भी एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई है। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में आवारा जानवरों की गतिविधियां बढऩे से ऐसे मामलों में तेजी आती है। सबसे ज्यादा मरीज कुत्तों के काटने के सामने आए हैं। शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों से सामने आ रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से गोहलपुर, गाजी नगर, अमखेरा, रद्दी चौकी, चार खम्बा, घमापुर, रांझी, आसपास के ग्रामीण क्षेत्र इन इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
रात के सन्नाटे में दौड़ा रहे कुत्ते- स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय सडक़ों और गलियों में आवारा कुत्तों के झुंड घूमते हैं, जिससे पैदल आने-जाने वाले लोगों, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा खतरा रहता है। कई लोगों ने बताया कि सुबह और देर रात काम पर आने-जाने के दौरान आवारा कुत्ते पीछा करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
जिला अस्पताल में लग रही लंबी कतारें- कुत्तों के काटने से बढ़ते मामलों का असर जिला अस्पताल के वैक्सीनेशन कक्ष में भी देखने को मिल रहा है। एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए मरीजों और उनके परिजनों की लंबी लाइनें लग रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी जानवर के काटने पर घाव को तुरंत साफ पानी और साबुन से धोना चाहिए तथा बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
नगर निगम पर उठे सवाल- शहरवासियों ने इस मामले में नगर निगम के अभियान पर सवाल उठाए हैं। लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामलों के बीच नगर निगम की ओर से आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने का दावा किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में शिकायतों के बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या कम नहीं हुई है।
इनका कहना है…
प्रतिदिन सौ मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। शासकीय अस्पतालों में रैबीज के इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था है।
नवनीत कोठारी,
सीएमएचओ

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Author: Jai Lok






