
नई दिल्ली (जयलोक)। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में बुधवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हो गई। घटना के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा।
रिपोर्टों के मुताबिक, विमान ने बेहद कम समय में हजारों फीट की ऊंचाई खो दी। स्थिति बिगड़ती देख यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट तक पहुंचने की कोशिश की। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे अंदर मौजूद हमलावर को काबू करने का रास्ता बना।
घायल होने के बावजूद कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कैप्टन मच्छार के साहस की खास तौर पर तारीफ की। उनके मुताबिक, भारतीय पायलट बुरी तरह घायल और खून से लथपथ थे, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद इस्राइली यात्री यानिव हयून कॉकपिट के अंदर पहुंचे। नेतन्याहू के अनुसार, हयून ने कथित हमलावर को पीछे से पकडक़र नियंत्रण से दूर किया और पायलट की सीट पर पहुंचकर विमान को संभालने में मदद की। अन्य यात्रियों और क्रू सदस्यों ने भी हमलावर को काबू करने में भूमिका निभाई।
तबूक में सुरक्षित उतरा विमान- घटना के बाद फ्लाईदुबई के विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया। विमान ने तबूक में सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव भेजा गया।
पीएम मोदी ने कहा- कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। पीएम मोदी ने उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि उनके साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
Author: Jai Lok





