
इंडस्ट्रियल कोरीडोर में 10 हजार एकड़ भूमि पर होगा औद्योगिक विकास, एक लाख करोड़ रुपये के निवेश से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के साथ जबलपुर के उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर विशेष कंपनी के गठन की स्वीकृति पर जताया आभार
महाकौशल की प्रगति का आधार बनेगा इकोनॉमिक कॉरिडोर : मुख्यमंत्री
जबलपुर (जयलोक)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जबलपुर की औद्योगिक क्षमताओं का पूरा उपयोग कर महाकौशल के विकास को नई गति दी जाएगी। जबलपुर-भोपाल-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर के अंतर्गत जबलपुर के आसपास 10 हजार एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके लिए एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है, जिससे एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वर्ष 2028 तक औद्योगिक विकास की यह पहल धरातल पर साकार स्वरूप में दिखाई देने लगेगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के साथ भेंट करने आए जबलपुर के उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल ने कॉरिडोर के विकास के लिए विशेष कंपनी के गठन की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
जबलपुर की क्षमताओं को मिलेगा पूरा अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर की औद्योगिक ताकत और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग पूरे महाकौशल की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जबलपुर, भोपाल और इंदौर को जोडऩे वाला इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों के विकास को गति देगा। खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय युवाओं को रोजगार के रूप में मिले।
विशेष कंपनी से योजनाबद्ध औद्योगिक विकास
राज्य मंत्रिपरिषद ने 15 अक्टूबर को ‘जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी है। पूर्णत: राज्य शासन के स्वामित्व वाली इस कंपनी के लिए प्रारंभिक रूप से 100 करोड़ रुपये की पूंजी और 20 करोड़ रुपये की ब्याज-मुक्त कार्यशील पूंजी का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री कंपनी की गवनिंज़्ग काउंसिल के अध्यक्ष होंगे। कंपनी औद्योगिक क्षेत्रों की योजना बनाने, निवेश आकर्षित करने, अधोसंरचना विकसित करने तथा भूमि, स्वीकृतियों और अन्य आवश्यकताओं के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगी।
महाकौशल के औद्योगिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण निर्णय : मंत्री श्री सिंह
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि विशेष कंपनी के गठन की स्वीकृति जबलपुर और महाकौशल के औद्योगिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं को निवेश और रोजगार में बदलने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि जबलपुर में निर्माणाधीन रिंग रोड तथा भोपाल और इंदौर से एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। इससे जबलपुर के लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित होने की संभावनाएं मजबूत होंगी। बेहतर सडक़ संपर्क से रक्षा क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों, इंजीनियरिंग, मशीन निर्माण, रक्षा सहायक उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण और वेयरहाउसिंग को लाभ मिलेगा। भोपाल और इंदौर के माध्यम से गुजरात के बंदरगाहों तक बेहतर कनेक्टिविटी से माल परिवहन भी सुगम होगा।
श्री सिंह ने कहा कि विशेष कंपनी निवेशकों की आवश्यकताओं और विभागीय व्यवस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर औद्योगिक परियोजनाओं को गति देगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत -2047 के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
उद्योग जगत ने जताया आभार
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उद्योग जगत के सुझावों पर सकारात्मक पहल से जबलपुर और महाकौशल की औद्योगिक संभावनाओं को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उद्योगपतियों ने विश्वास व्यक्त किया कि एक लाख करोड़ रुपये के निवेश के लक्ष्य और विशेष कंपनी की व्यवस्था से क्षेत्र में औद्योगिक विस्तार होगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। प्रतिनिधिमंडल ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की पहल के लिए भी आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल की ओर से महाकौशल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री रवि गुप्ता सहित अन्य औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया गया और उन्हें जबलपुर आने के लिए आमंत्रित किया।
जनप्रतिनिधियों ने किया आभार
सांसद आशीष दुबे, सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीक, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, अभिलाष पाण्डे, अजय विश्नोई, संतोष बरकड़े, सुशील तिवारी, नीरज सिंह, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, जबलपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष संदीप जैन, उपाध्यक्ष प्रशांत केशरवानी, जिलाध्यक्ष रत्नेश सोनकर, राजकुमार पटेल, प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, विनोद गोंटिया आदि ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार प्रकट किया है।

नाना पाटेकर या स्मित मच्छार, मुंबई में रेलवे पुल का नाम रखने को लेकर छिड़ा विवाद





