Download Our App

Home » Uncategorized » डीजे दस लोगों का मजा, हजारों को सजा

डीजे दस लोगों का मजा, हजारों को सजा

डीजे को सुविधा का नहीं प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर बवाल खड़ा करने की कोशिश, जनता खुश, प्रशासन सख्त

जबलपुर (जयलोक)। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं के लिए जानलेवा स्थिति तक बजाए जाने वाले तय मानक से कहीं तेज बज रहे डीजे के खिलाफ  हो रही जबलपुर पुलिस और प्रशासन की कार्यवाही की पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है। जिले में हो रही सख्त कार्यवाही की देखा सीखी अन्य जिलों की पुलिस ने भी हिम्मत दिखाते हुए जानलेवा स्तर पर बजने वाले कान फोडू डीजे के खिलाफ  कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
कान फोड़ देने वाले तेज आवाज जिससे लोगों को हार्ट अटैक तक आ रहा है ऐसी आवाज को पसंद करने वाले लोग तर्क दे रहे हैं कि पुलिस शराब और गांजा की तस्करी रोक नहीं पा रही और डीजे को मौतों का कारण बता रही है। शराब गांजा आदमी अपनी मर्जी से पीता है और काल के ग्रास में जाता है, लेकिन डीजे केवल 10 लोगों के मज़ा और 1000 की सजा के बराबर है। जहां यह जबरदस्ती मरीजों पर, बुजुर्गों पर, महिलाओं पर, बच्चों पर थोपा जा रहा है अब तो युवा भी इतनी तेज आवाज को पसंद नहीं कर रहे।
डीजे बजाने की अनुमति है लेकिन इन नियमों के तहतपूर्ण प्रतिबंध बनाम वैध नियमन- डीजे ऑपरेटरों को विधिवत अनुमति/लाइसेंस लेने और ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन करते हुए ही कार्यक्रम करने का अधिकार है। मौलिक अधिकार और शांति से जीने का अधिकार केस अनुच्छेद 21 बनाम अनुच्छेद 19(1) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में यह अधिकार शामिल नहीं है कि लाउडस्पीकर या एम्पलीफायर के जरिए दूसरों को जबरन शोर सुनाया जाए। सुनने वाले को शांति से रहने और शोर न सुनने का मौलिक अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्राप्त है। धार्मिक, सांस्कृतिक या व्यावसायिक किसी भी गतिविधि के नाम पर दूसरों के स्वास्थ्य और शांति के अधिकार का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।
रात के समय प्रतिबंध- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर, डीजे या एम्पलीफायर वाले सार्वजनिक ध्वनि उपकरणों के संचालन पर सख्त रोक है।
छूट की सीमा- राज्य सरकारें केवल वर्ष में अधिकतम 15 चुनिंदा सांस्कृतिक/धार्मिक अवसरों पर इसे
रात 12 बजे तक बढ़ाने की छूट दे सकती हैं, लेकिन यह भी केवल निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर ही अनुमति है लेकिन साइलेंस जोन में किसी भी प्रकार की छूट नहीं होगी।
धार्मिकता की आड़ में नहीं चलेगी गुंडागर्दी- तेज आवाज में बजाने वाला डीजे केवल कुछ लोगों की पसंद है बाकी उसे क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोगों के लिए सजा और परेशानी से कम नहीं ऐसी स्थिति में पुलिस ने जनता के हित में कार्य करना शुरू किया है। कुछ विघ्नसंतोषी और असामाजिक लोगों ने इस कार्यवाही को बेवजह धार्मिकता का रंग देना शुरू किया। हिंदू मुस्लिम की बात शुरू कर दी और फिर धर्म की आड़ में प्रशासन को धमकाने का काम किया। प्रशासन को सरकार से हरी झंडी है और ऐसी किसी गुंडागर्दी पर प्रशासन सख्ती से कार्यवाही करेगा।
जनप्रतिनिधियों का भी मिल रहा साथ
डीजे के खिलाफ  की जा रही पुलिस की कार्रवाही को ना सिर्फ  जनता का बल्कि जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिल रहा है। नवरात्र में जगह जगह डीजे के शोर से बच्चे, बुजुर्ग सहित मरीज काफी परेशान रहते हैं। डीजे के पास से गुजरने वाले लोगों की धडक़ने बढ़ जाती हैं। जिससे आम जनता भी डीजे पर प्रतिबंध लगाने की माँग करती रही है। वहीं पुलिस की कार्रवाही से लोगों को राहत मिल रही है। आज अष्टमी है कल नवमी उसके बाद प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चलेगा। इस दौरान पुलिस डीजे के शोर पर निगाहें जमाए हुए बैठी है। जहां भी डीजे की आवाज सुनाई दी वहां कार्रवाही की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बंद कमरे में पूर्व सीएम दिग्विजय ने की चर्चा

 

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » Uncategorized » डीजे दस लोगों का मजा, हजारों को सजा
error: Content is protected !!