
जबलपुर (जय लोक)। कंजक्टिवाइटिस आंखों में होने वाला यह संक्रमण रोग बारिश के इस मौसम में बहुत अधिक अपना असर दिखाता है। खासकर बच्चों में यह काफी तेजी से एक से दूसरे को ट्रांसफर होता है। इससे कुछ सावधानियों के साथ बचाव किया जा सकता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ विश्नोई के अनुसार बारिश अक्सर प्रदूषण, धूल और सूक्ष्म जीवों को अपने साथ लाती है जो आंखों में जलन पैदा कर सकते हैं। संक्रमित सतहों को छूने के बाद अपनी आंखों को मलने या तौलिये साझा करने से कंजक्टिवाइटिस आसानी से फैल सकता है।

महत्वपूर्ण यह है कि कंजक्टिवाइटिस, जिसे आमतौर पर पिंक आइ के नाम से जाना जाता है, आंख के सफेद भाग और भीतरी पलकों को ढकने वाली पतली झिल्ली, कंजक्टिवा में सूजन के कारण होता है। इसे आम भाषा में आंख आना भी कहते हैं। ये आंखों से जुड़ी एक तरह की संक्रामक बीमारी है, जो एक से दूसरे इंसान में फैलती है। कंजक्टिवाइटिस कई कारणों से होता है। इसमें सबसे कामन बैक्टीरिया, वायरस है जिससे नार्मल कामन कोल्ड भी होता है। इसकी शुरुआत एक आंख से होती है लेकिन जल्द ही दूसरी आंख भी इसकी चपेट में आ जाती है। आमतौर पर बारिश के बाद या ठंड में लोगों को ये बीमारी ज्यादा होती है।

सामान्य तौर पर बहुत से लोग आई ड्राप का उपयोग कर ठीक होने का प्रयास करते हैं। आंखें हमारी अनमोल हैं, अत: बिना चिकित्सकीय परामर्श दवा लेकर काम चलाने से बेहतर है कि विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच कराएं और उनके परामर्श से ही दवाई हमेशा सुखद नतीजे देती है।


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Author: Jai Lok






