
प्रदेशभर के 8 हजार डॉक्टर हड़ताल में शामिल
जबलपुर (जयलोक)। शहर सहित प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों ने आज से कामबंद कर हड़ताल शुरू कर दी है। पिछले कई दिनों से अपनी माँगों को लेकर संघर्ष करते आ रहे जूनियर डॉक्टरों के सब्र का बाँध आज टूट गया। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं तब तक वे ओपीडी में सेवाएं नहीं देंगे। ऐसे में ओपीडी में आने वाले मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। जूडॉ की इस हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लेकर अपना विरोध जता रहे हैं। जूडा एसोसिएशन का साफ कहना है कि ऑपरेशन थिएटर में भी सिर्फ अति गंभीर मरीजों को ही वे अपनी सेवाएं देंगे।
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन शासन के आदेश के अनुसार एक अप्रैल 2025 से लागू होना था। लेकिन यह अब तक लागू नहीं किया गया है। कई बार अपनी माँगों को लेकर जूडा ने अपनी आवाज उठाई लेकिन आश्वासन देकर उनकी आवाज को दबा दिया गया। जिससे उनकी नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि इन माँगों को लेकर प्रदेशभर के करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न इस हड़ताल में शामिल हुए हैं। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

डीन को सौंपा गया ज्ञापन
हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों ने अपनी माँगों को लेकर मेडिकल डीन को ज्ञापन सौंपा है। 9 बजे से जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इसके साथ ही जूडा द्वारा काली पट्टी बाँधकर प्रदर्शन किया जा रहा है।
डॉक्टरों की समस्याओं का होगा समाधान-स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला
मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला भाजपा की एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में शामिल होने शहर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश में जारी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पर प्रतिक्रिया दी और डॉक्टरों से हड़ताल समाप्त कर मरीजों की सेवा में लौटने की अपील की।

मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि प्रदेश भर में जूनियर डॉक्टरों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है। सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से ले रही है और इस संबंध में चर्चा भी हो चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डॉक्टरों की समस्याओं का समाधान जल्द ही निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार डॉक्टरों की भावनाओं को समझ रही हैमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत संवेदनशील होती हैं और इससे सीधे तौर पर आम जनता का जीवन जुड़ा होता है। ऐसे में डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पतालों में आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Author: Jai Lok






