
इस बार फिर बैठक में डीजे पर लगा पूर्णत: प्रतिबंध-सिर्फ दो बॉक्स बजेंगे
जबलपुर (जय लोक)। बैतूल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे की तेज आवाज से 17 वर्षीय छात्रा प्रतीक्षा वर्मा की मौत की घटना के बाद अब जबलपुर में भी डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस सामजिक परेशानी को लेकर जयलोक ने लगातार खबरें प्रकाशित की और शासन प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया। अब जयलोक की खबर का असर भी देखने को मिल रहा है जिसमें पुलिस अधीक्षक ने डीजे संचालकों की बैठक आयोजित करते हुए डीजे पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है जब डीजे पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए गए हैं इसके पहले भी डीजे पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए गए थे। लेकिन इसका पूर्ण तरीके से पालन ना किए जाने से डीजे के शोर से लोगों की नींद उड़ी रहती है। अब देखना यह है कि इस बार डीजे के प्रतिबंध का कितनी सख्ती के साथ पालन किया जाता है।

पुलिस कंट्रोल रूम में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने डीजे, साउंड और लाइट संचालकों की बैठक ली। इसमें अनुमति की शर्तों के अनुसार ही साउंड सिस्टम लगाने और डीजे के उपयोग को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं। ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए आवाज की एक तय सीमा (लगभग 50 डेसिबल) और अधिकतम दो स्पीकर के इस्तेमाल का प्रावधान रखा गया है। यह भी प्रावधान रखा गया है कि 10.30 बजे के बाद साउंड बॉक्स नहीं बजेंगे। हाल ही में ध्वनि प्रदूषण और तेज आवाज से होने वाली समस्याओं के चलते नागरिक उपभोक्ता मंच व अन्य सामाजिक संगठनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई थी। नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों और डीजे संचालकों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन द्वारा वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बैठक में सभी को बताया गया कि डी.जे पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। साउंड सिस्टम की अनुमति प्राप्त करते हुये अनुमति में उल्लेखित शर्तों के अनुसार ही साउड सिस्टम लगायें। समस्त डीजे/साउंड बाक्स संचालक झांकियों, स्वागत मंचों, चल समारोह आदि के दौरान किसी भी प्रकार से 2 से अधिक बॉक्सों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

जंतर-मंतर प्रदर्शन: पुलिस अफसरों पर ३ महिला पत्रकारों ने लगाए यौन उत्पीडऩ के आरोप
Author: Jai Lok






