
एक मामले में लगे बम फिकवाने के आरोप, दूसरे मामले में खुद को बता रहे घटना का शिकार
जबलपुर (जयलोक)। 25 और 26 जून की रात में शहर के तिलवारा और गोरखपुर थाना क्षेत्र में दो स्थानों पर सूअरमार बम फेंके जाने और पत्थरबाजी की घटना के पीछे शराब सिंडीकेट के सक्रिय ठेकेदार आशीष शिवहरे का नाम जुड़ गया है। पुलिस भी शराब ठेकेदार की भूमिका को संदिग्ध मान रही है और पूरे मामले की सत्यता जांचने के लिए बमबाजी की घटना और इसके पीछे के कारण लगाए गए आरोपों, व्यक्त की गई संभावनाएं सभी की बारीकी से जाँच हो रही है। तिलवारा थाना प्रभारी ब्रजेश मिश्रा इस पूरे मामले पर बारिकी से नजर बनाए हुए हैं और जाँच के बिंदु का बारिकी से अध्ययन किया जा रहा है। एक घटना 25 तारीख की रात में तिलवारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आयुषीधरा कॉलोनी सगड़ा में रहने वाले राधे श्याम झारिया के घर पर घटित हुई जहाँ तीन बदमाशों ने उसके घर पर सुअरमार बम पटककर दहशत फैलाने का प्रयास किया और उसकी थार गाड़ी में पत्थरबाजी कर कांच फोड़ दिए। पीडि़त ने इस मामले में बयान जारी कर शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया। पीडि़त का कहना है कि वे शराब सिंडीकेट और शराब कारोबारियों की अनियमितताओं पर लगातार आवाज उठा रहा है शिकायतें कर रहा है। दूसरी बमबाजी की घटना कल 26 जून की रात गोरखपुर थाना क्षेत्र में स्थित शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे के ऑफिस के बाहर घटित होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। अब पुलिस के सामने कौन पीडि़त और कौन आरोपी की सच्चाई सामने लाना चुनौती का काम बना हुआ है।

शराब कारोबारी के बंद कार्यालय में फेंके बम, तीन लोगों के नाम लिए, एक संदेही गिरफ्तार
गोरखपुर थाना अंतर्गत एक शराब कारोबारी के कार्यालय में देर रात बदमाशों ने एक के बाद एक पाँच बम फेंके। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। बम की आवाज सुनकर जब रतन नगर कॉलोनी में रहने वाले आसपड़ोस के लोग निकलकर बाहर आए तो बाहर बम के अवशेष पड़े हुए थे। यह घटना देर रात दो बजे हुई। इस घटना के बाद पुलिस अब इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। वहीं पुलिस ने इस मामले में एक संदेही को गिरफ्तार किया है जिससे पूछताछ की जा रही है। आशीष शिवहरे के मैनेजर अशोक मिश्रा ने पुलिस के समक्ष आर्यन चौधरी, श्रेयांश त्रिपाठी और अरमान के नाम लिए हैं। घटना के कारण के संबंध में मैनेजर ने कहा कि इनके पीछे जो लोग है वे हमारी झूठी शिकायत करते हैं, झूठे ज्ञापन देकर परेशान करते हैं। ताकि उनकी अवैध वसूली और मुफ्त में शराब की माँग पूरी हो सके। आशीष का कहना है कि एक के बाद एक पाँच बम फटने की आवाज सुनाई दी। पुलिस जब मौके पर पहुँची तो मौके से एक सक्रिय बम भी मिला है। बम फेंकने वाले आरोपियों का पता लगाने के लिए अब पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है। पुलिस का मानना है कि यह विवाद शराब कारोबार और वर्चस्व से जुड़ा हो सकता है। वहीं इसी बीच एक नाबालिग को पुलिस ने संदेह के आधार पर पकड़ा है जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है।

शराब कारोबारी का काला पीला उजागर करने पर करवाई गई घटना-पीडि़त
तिलवारा पुलिस ने बताया कि आयुषीधरा कॉलोनी निवासी राधेश्याम झारिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 जून के रात लगभग 10.30 बजे अपने घर पर था। घर के बाहर किसी के गाली बकने की आवाज आई, जो कह रहा था कि निकल राधेश्याम झारिया। वह घर से बाहर निकल ही रहा था, तभी बहुत तेज धमाके एवं कांच टूटने की आवाज आई। बाहर निकल कर देखा तीन लोग सफेद एक्सेस स्कूटी में कालोनी के गेट तरफ उसे जान से मारने की धमकी देते हुये रोड तरफ भाग गये। उसके घर के बाहर सुतलियां एवं कागज के टुकडे बिखरे पडे थे। बाहर खडी उसकी थार कार क्रमांक एमपी 20 एक्सबी 6062 का सामने का व साईड के दोनों तरफ के कांच टूटे हुये थे। थार गाडी के अन्दर दो ईंट पडी थी। उसके पडोसी मालाकार के घर के कांच और उनकी कार क्रमांक एमपी 20 सीए 9371 के बगल एवं पीछे के कांच टूटे हुये थे। मालाकार के घर दीवार पर बने निशान को देखकर ऐसा लगता है कि उन लडकों ने गोली भी चलाई हो। पीडि़त राधेश्याम ने एक वीडियो जारी कर और पुलिस को अपने बयान में यह कहा है कि वो लगातार शराब माफिया और शराब सिंडीकेट की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहा है उनका कालापीला कार्य उजागर कर रहा है। इसके साक्ष्य एकत्रित कर वीडियो जारी कर रहा है। जिसके बाद आशीष शिवहरे के कहने पर उसके लोगों द्वारा पहले लगातार पैसे का प्रलोभन दिया जा रहा था। अब उन्होंने डराने के लिए मेरे घर पर बम फिकवाएं हैं। मेरी गाड़ी में तोडफ़ोड़ की। अगर मेरे घर में शटर नहीं होती तो यह बम मेरे घर के अंदर गिरकर फूटते जिससे मेरे परिजनों और बच्चों को नुकसान हो सकता था।


एक दूसरे से जुड़ी हो सकती हैं दोनों घटनाएँ
पुलिस का मानना है कि शराब सिंडीकेट के खिलाफ लगातार आवाज उठाने का दावा करने वाले राधेश्याम झारिया के घर पर हुआ हमला और शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे के बंद दफ्तर के बाहर रात 2.30 बजे हुई बमबाजी की घटना एक दूसरे से जुड़ी हो सकती है। पुलिस हर पहलू पर बारिकी से जाँच कर रही है। पुलिस को बमबाजी की घटनाओं में कुछ संदेहास्प्रद बातें भी इंगित हुई हैं। इस मामले में आरोपियों के पकड़े जाने के बाद बड़े खुलासे की बात कही जा रही है।
इनका कहना है
सगड़ा में राधेश्याम झारिया के निवास पर हुई बमबाजी की घटना की बारिकी से जाँच की जा रही है। राधेश्याम द्वारा दिए गए बयानों में शराब ठेकेदार आशीष शिवहरे पर संदेह व्यक्त किया गया है। पुलिस हर बिंदु पर बारिकी से जाँच कर रही है जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
ब्रजेश मिश्रा, थाना प्रभारी तिलवारा
आशीष शिवहरे के कार्यालय में बम फेंकने के मामले में एक संदेही को पकड़ा गया है। पकड़ा गया संदिग्ध नाबालिग है जिससे पूछताछ की जा रही है।
नितिन कमल, गोरखपुर थाना प्रभारी
राम मंदिर चढ़ावा मामले में जल्द सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार
Author: Jai Lok






