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निजी बंगले में लग रही थी सरकारी निर्माण सामग्री,  जीसीएफ में ठेकेदार की प्रतिस्पर्धा ने खोला राज, आरोपित का तबादला

जबलपुर, (जयलोक)।सरकारी निर्माण कार्यों के लिए आवंटित नॉट फॉर सेल सीमेंट के कथित रूप से निजी आवासों के निर्माण में उपयोग का मामला सामने आने के बाद गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने तथा उन्हें निर्माण संबंधी कार्यों से अलग किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इस मामले में आरोपित डीआरएस विभाग के प्रभारी अधिकारी का सीधे हमने तबादला भी कर दिया. अब उनके पुराने रिकार्ड की भी बात की जा रही है. सरकारी सीमेंट रेत गिट्टी का कथित दुरुपयोग निजी निर्माण में किये जाने की बात सामने आने पर पूरे मामले की गहन पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री परिसर एवं सरकारी परियोजनाओं के लिए आवंटित नाट फार रिटेल सेल  अंकित सीमेंट की कुछ बोरियों का उपयोग कथित रूप से निजी बंगलों के निर्माण में किया गया। नियमानुसार इस प्रकार की सीमेंट केवल सरकारी निर्माण कार्यों अथवा अधिकृत एजेंसियों के उपयोग के लिए होती है और इसका निजी इस्तेमाल प्रतिबंधित माना जाता है।

बताया जाता है कि स्थानीय स्तर पर एक अधिकारी के बिलहरी स्थित निवास पर चल रहे एक निजी निर्माण कार्य के दौरान जांच में नाट फार रिटेल सेल   अंकित सीमेंट की बोरियां मिलने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। प्रारंभिक पड़ताल में इसकी आपूर्ति का संबंध जीसीएफ से होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी।सूत्रों के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामले में कुछ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विभागीय जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों से अलग रखा गया है। साथ ही फैक्ट्री से जारी सीमेंट की खेप का रिकॉर्ड और वितरण प्रक्रिगया का ऑडिट भी कराया जा रहा है।यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सेवा नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई, आर्थिक वसूली तथा आवश्यक होने पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने पर भी विचार किया जा सकता है। जांच एजेंसियों से निर्धारित अवधि में रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

प्रतिस्पर्धी ठेकेदारों ने खोली कलई

इस मामले की जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आए की बीआरएस अनुभाग के प्रभारी ने निर्माण सामग्री को उपयोग के लिये निकाला, लेकिन उसे जीसीएफ स्टेट क्षेत्र की मरम्मत में इस्तेमाल कराए जाने की बजाए, सीधे अपने बिलहरी स्थित आवास पर भेज दिया. इस पूरे खेल में ठेकेदार के कर्मचारियों की मदद ली गई और ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर निर्माण सामग्री निजी आवास पर पहुंचाई गई।
कुछ प्रतिस्पर्धी ठेकेदारों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने बड़े अधिकारियों के सामने बात रखी और मामले का पर्दाफास हुआ. अचानक हई इस कार्यवाही से जीसीएफ के पूरे सिस्टम में खलबली मच गई. इस खुलासे के दौरान सीजीएम शहर के बाहर थे।
लिहाजा मामले को दबाने की कोशिश की गई. इसी बीच मामला मीडिया सामने आने के बाद सीजीएम ने शहर लौटते ही पूरे मामले की तहकीकात की और तत्काल आरोपित अधिकारी का ताबादला आदेश जारी कर दिया.

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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