
99.5 प्रतिशत अंक लाकर अक्षांशा ने बढ़ाया शाला का गौरव, बच्चों को सिखाई जाती है सनातन परंपरा
जबलपुर (जय लोक)। संस्कारधानी में ऐसे गिने-चुने स्कूल है जहां पर बच्चों को शिक्षा के व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ हिंदुस्तान की आत्मा सनातन परंपरा का ज्ञान भी दिया जाता है और उन्हें सनातन परंपरा से जुड़े रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चे हिंदू संस्कृति रीतियों को भी पहचानते हैं।
सिंधी विद्या समिति स्कूल के अध्यक्ष सोनू बचवानी ने बताया कि उनके पिताजी स्व किशोर बचवानी की पुण्यतिथि के अवसर पर सिंधी विद्या समिति स्कूल में मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।

स्वर्गीय श्री बचवानी द्वारा इस विद्यालय की स्थापना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि आज भी विद्यालय का संचालन उसी सेवा-भाव के साथ सुचारू रूप से किया जा रहा है। विद्यालय में विद्यार्थियों को नाममात्र की फीस पर शिक्षा प्रदान की जाती है तथा उनकी शिक्षा में किसी भी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए विद्यालय परिवार निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश द्वारकाधीश बंसल ने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें जीवन में अनुशासन, परिश्रम एवं उत्कृष्टता के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया तथा अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से उनका मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि भाजपा अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें निरंतर अध्ययन एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, डीआरएम कमल कमार तलरेजा, प्रिंसिपल धारा कश्यप, वाइस प्रिंसिपल अंकित विश्वकर्मा एवं विद्यालय के समस्त टीचर्स ने भी मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया।


Author: Jai Lok






