
प्रमुख सचिव बोले- ऐसी बात नहीं उठानी चाहिए, सबको समान अवसर मिलेगा
भोपाल (जयलोक)। पदोन्नति में आरक्षण की नीति पर अपर मुख्य सचिव (एसीएस गृह) जेएन कंसोटिया, एसीएस (खाद्य) रश्मि अरुण शमी और प्रमुख सचिव (जनजातीय कार्य) गुलशन बामरा ने सवाल उठाए हैं। सचिवालय में नीति के प्रेजेंटेशन के समय इन आईएएस अधिकारियों ने कहा कि जब नीति में अजजा के लिए 20 प्रतिशत और अजा के लिए 16 प्रतिशत आरक्षण को पद की उपलब्धता के आधार पर कम किया जा सकता है तो फिर इसे बढ़ाने का जिक्र भी नीति में होना चाहिए। सिर्फ एकतरफा बात नहीं होनी चाहिए कि सिर्फ अजा-अजजा का आरक्षण कम हो। कंसोटिया ने यह भी कहा कि जिस कैडर में एक, दो, तीन या चार पद हैं, वहां तो अजा-अजजा को कोई पद नहीं मिलेगा। क्योंकि रोस्टर सिस्टम खत्म हो गया है। आईएएस अफसरों के ऐसे सवाल उठाने पर बैठक की अध्यक्षता कर रहे मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि यह पॉलिसी डिसीजन है। इसलिए ऐसी बात नहीं उठानी चाहिए। लंबे समय बाद नीति बनी है। बैठक में बताया गया कि सपाक्स के दो-तीन अभ्यावेदन आए हैं। सीएस ने कहा, सबको समान अवसर मिलेगा।
डीजीपी मकवाना करेंगे चेंज- बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना कहा कि पुलिस में लोगों की ‘निंदा’ हो जाती है। कोई दंड दे दिया तो वह अगले 5 साल तक प्रभावी होता है। जीएडी में ऐसा नहीं है। इसमें यदि दंड में एक वेतनवृद्धि रोकी तो दूसरे साल उसका असर नहीं रहता। इस पर सीएस ने कहा कि आप यूनिफार्म सर्विस वाले लोग हैं। डीपीसी कैसे करनी है, इसके लिए कुछ रेग्यूलेशन चेंज कर सकते हैं।
पदोन्नति में आरक्षण का बेस ड्राफ्ट रस्तोगी ने बनाया था- प्रेजेंटेशन के दौरान जब नीति पर काम की बात आई तो मुख्य सचिव ने कहा कि जब पदोन्नति में आरक्षण के नियम बनाने के लिए अधिकारी मेरे पास आए तो बेस ड्रॉफ्ट पहले से तैयार था। इसे मनीष रस्तोगी ने बनाया था। बाद में जीएडी के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और बाकी अधिकारियों की टीम इसे लागू करने की स्थिति तक लाई।
परिवहन विभाग में ग्रेड-3 कर्मचारियों को सीआर में अंक नहीं दिए जाते- परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने कहा कि परिवहन विभाग में ग्रेड-3 कर्मचारियों को सीआर में अंक नहीं दिए जाते हैं। ऐसे में इनके प्रमोशन का आधार क्या होगा? मुख्य सचिव ने कहा कि आप यह गलत करते आ रहे हैं। यह व्यवस्था सिर्फ ग्रेड-4 कर्मचारियों के लिए है, ग्रेड-3 के लिए नहीं। अभी के लिए आप छूट ले लो, लेकिन भविष्य में इस विसंगति को दूर कर लीजिएगा।
Author: Jai Lok







