
जबलपुर (जयलोक)। संस्कारधानी में नवरात्रि का पर्व बहुत ही धूमधाम और आस्था वान तरीके से मनाया जाता है। इस बार लेकिन जवारा विसर्जन के लिए की गई व्यवस्थाओं को लोग आड़े हाथों ले रहे हैं। इसका कारण यह है कि अच्छी सोच के तहत प्रारंभ किए गए हनुमान ताल जैसे महत्वपूर्ण और धार्मिक महत्व वाले तालाब की साफ सफाई और जीर्णोद्धार के कार्य को समय सीमा में पूरा नहीं किया गया है और अनियोजित ढंग से चल रहे विकास कार्य के कारण इस बार नवदुर्गों में प्रसिद्ध मंदिरों में और घरों में रखे जाने वाले जवारों का विसर्जन पन्नी और पानी से बने अस्थाई कुंडों में किया जाएगा। यह धार्मिक आस्था को ठेस पहुँचाने वाला कार्य है। यह कहना है हनुमान ताल वार्ड के कांग्रेस नेता रज्जू सराफ का।
नवरात्र का कल अंतिम दिन है तिथियों की गणना और पूरे नौ दिनों की आस्था के अनुरूप लोग नवरात्र के उपवास और पूजन अर्चन कर रहे हैं। विगत दिनों हनुमानताल में अस्थाई विसर्जन कुंड का निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ है। मिट्टी का ढेर लगाकर किए गए गड्ढे में पन्नी बिछाई गई है और उसमें पानी भरा जा रहा है। यह अस्थाई वैकल्पिक व्यवस्था इसलिए की गई है, क्योंकि हनुमानताल में आने वाले जवारा जुलूस पूर्ण विधि विधान से पूजन अर्चन कर यहां पर विसर्जन किया जा सके।
40-45 दिनों से चल रहा कार्य एक गाड़ी सिल्ट नहीं निकली- कांग्रेस नेता श्री सराफ का कहना है कि हनुमानताल तालाब को खाली करने का कार्य 40-45 दिनों से चल रहा है विगत कई दिनों से तालाब का पानी पूर्ण रूप से सूख चुका है लेकिन इसके बावजूद भी ना तो उसके गहरीकरण के लिए स्लिट निकालने का कार्य प्रारंभ हुआ, ना ही घाटों के निर्माण कार्य और चारों तरफ होने वाले कार्य प्रारंभ किए गए हैं। क्षेत्रीय विधायक अभिलाष पांडे लगातार हनुमान ताल तालाब का निरीक्षण कर रहे हैं और संबंधित कार्यों की समीक्षा भी कर रहे हैं लेकिन कार्यों में हुई समय सीमा की अनदेखी के कारण पन्नी का कुण्ड बनाने की स्थिति निर्मित हुई है।

Author: Jai Lok






