
दो आरक्षकों ने सीपीआर देकर बचाई जान
जबलपुर (जय लोक)। सीपीआर का ज्ञान किसी व्यक्ति की सांस थम जाने पर शुरुआती चंद मिनट बहुत अहम होता है। ऐसे समय में सीपीआर देकर व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों को भी जीवन बचाने की यह कला सिखाई गई। जिसके परिणाम दो दिनों पूर्व खमरिया थाना अंतर्गत देखने को मिला। जब फाँसी पर झूले एक युवक को सीपीआर देकर दो आरक्षकों ने उसकी जान बचा ली। कल युवक ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज भी हो गया। वहीं युवक के परिवार वालों सहित प्रत्यक्षदर्शी भी पुलिसकर्मियों की सराहना करते नहीं थक रहे हैं।

आरक्षक कपिल देव ने बताया कि सूचना मिली थी कि तिघरा निवासी सचिन कोरी ने अपने घर में सुबह फाँसी लगा ली है। सूचना मिलते ही प्रधान आरक्षक अरविंद श्रीवास्तव के साथ वे घटना स्थल पर पहुँचे जहां देखा कि सचिन फाँसी की हालत में लटका था। सचिन की हालत देखकर परिवार वालों ने भी उसे मृत समझ लिया था। लेकिन जैसे ही दोनों पुलिसकर्मियों ने सचिन का पंचनामा करना शुरू किया तो उन्हें आभास हुआ कि सचिन के शरीर में अभी भी जान है। उसका शरीर गर्म था, और हाथ की नस में जान थी। जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने देर ना करते हुए सचिन को सीपीआर देना शुरू किया जिसके फलस्वरूप कुछ देर में सचिन की धडक़न और नब्ज लौट आई।

साथ ही सचिन की सांसे चलने लगी और तत्काल उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीपीआर तकनीक से सचिन ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज भी हो गया। अब पुलिस सचिन से आत्महत्या के प्रयाय के कारणों के बारे में जानकारी हासिल कर रही है।





