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बंगाल में पहली बार भाजपा को प्रंचड बहुमत

असम और पाडुचेरी में फिर भाजपा, केरल में कांग्रेस की जीत, तमिलनाडू में विजय थलापति का विजयरथ
नई दिल्ली (जयलोक)। पाँच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल तथा पाडुचेरी में हुये विधानसभा के चुनाव की मतगणना आज सुबह से शुरू हुई। इस मतगणना में पश्चिम बंगाल के नतीजों पर सारे देश की नजरें लगी रही। बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी को पश्चिम बंगाल में बड़ी जीत हासिल होने जा रही है। असम में तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। वहीं केरल में दस वर्षों से काबिज वाम मोर्चा को कांग्रेस के मोर्चे ने हार का रास्ता दिखा दिया है। सबसे चौकाने वाला चुनाव परिणाम तमिलनाडू से आ रहा है। जहाँ पर मौजूदा डीएमके की सरकार खत्म होने जा रही है। यहां पर अभिनेता विजय की बनाई गई नई पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। वहीं एआईडीएमके दूसरे नंबर पर और मौजूदा सत्तारूढ़ डीएमके तीसरे नंबर पर पहँुच गई है। पाडुचेरी के एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। 293 सीटों पर जारी मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ती नजर आ रही है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पिछड़ती दिख रही है। रुझानों के मुताबिक भाजपा 198 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि टीएमसी 88 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। एक सीट फालता पर 21 मई को पुनर्मतदान प्रस्तावित है। वोट शेयर की बात करें तो भाजपा को लगभग 45 प्रतिशत और टीएमसी को करीब 42 प्रतिशत वोट मिलते दिख रहे हैं, जो मुकाबले को दिलचस्प बनाता है। राज्य की प्रमुख सीट भवानीपुर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं नंदीग्राम से चर्चित नेता सुवेंदु अधिकारी पीछे चल रहे हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार से चर्चित झाडग़्राम क्षेत्र की चारों सीटों झाडग़्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम पर भाजपा बढ़त बनाए हुए है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो भाजपा को इस चुनाव में लगभग 6 प्रतिशत वोट शेयर की अतिरिक्त बढ़त मिलती दिख रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव की तुलना में यह बढ़त सीटों में बड़े इजाफे के रूप में सामने आ रही है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार भाजपा को करीब 121 सीटों का फायदा होता नजर आ रहा है, जो राज्य की सत्ता में बड़े बदलाव का संकेत है।
वीवीपीएटी पर्चियां कूड़े में मिलीं चुनाव आयोग की सफाई
एक तरफ मतगणना जारी है वहीं दूसरी ओर, चुनाव के दौरान पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों पर भी प्रशासन ने प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कूड़े में मिली वीवीपीएटी पर्चियों के मामले पर कहा कि यह पर्चियां मॉक पोल की हैं और इनका वास्तविक मतदान से कोई संबंध नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच जारी है। फिलहाल सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं।
तमिलनाडु का नया महानायक पहले ही चुनाव में विजय का मास्टर स्ट्रोक करुणानिधि-एमजीआर की विरासत को दी चुनौती
तमिलनाडु की सियासत में नया सुपरस्टार मिल गया है। आठ साल से सुपरहीरो की जो जगह खाली पड़ी थी उसे थलापति विजय भरते हुए दिख रहे हैं। फिल्म स्टार से राज्य की सत्ता तक पहुंचीं जयललिता के 2016 में और 2018 में करुणनिधि के निधन के बाद से ये जगह खाली थी। पिछले 49 साल से राज्य सियासत में चल रहा द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म होता दिख रहा है। बीते 49 साल से सिनेमा के सुपरस्टार ही यहां राजनीति के भी नायक हुआ करते थे। फिर चाहे बात एम. करुणानिधि की हो या सुपरस्टार एमजी रामचंद्रन यानी एमजीआर और जे. जयललिता की। इन सभी नामों के अलावा तमिलनाडु की राजनीति में और भी कई ऐसे नाम रहे हैं, जिन्होंने लंबे समय तक इस दक्षिण भारत के राज्य में मजबूत राजनीतिक मौजूदगी दर्ज की है। एमके स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन भले ही तमिल सिनेमा से वास्ता रखते हैं, लेकिन उन्हें भी कॉलीवुड में पहले के अभिनेताओं जैसी लोकप्रियता नहीं मिली। हालांकि, विजय की बात करें तो उनमें वह सब खूबियां रही हैं, जो उन्हें तमिल सिनेमा का सुपरस्टार बनाती हैं। इसीलिए तमिलनाडु में उन्हें उनके पूरे नाम विजय जोसेफ की जगह थलापति विजय के नाम से भी जाना जाता है। थलापति यानी दल का नेतृत्व करने वाला।
ममता बोलीं- अंतिम राउंड के बाद जीत हमारी ही होगी
काउंटिंग एजेंट और उम्मीदवार काउंटिंग सेंटर छोडक़र न जाएं। यह भाजपा की चाल है, मैं कल से ही यह कह रही हूं कि वे पहले उन्हें ही आगे दिखाएंगे। उन्होंने कई जगहों पर काउंटिंग रोक दी है। हम 100 से ज्यादा सीटों पर आगे हैं, जिसकी रिपोर्ट नहीं की जा रही है। सब कुछ गलत रिपोर्ट किया जा रहा है। चुनाव आयोग पूरी तरह अपनी मनमर्जी से काम कर रहा है। पुलिस भी केंद्रीय बलों के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से कहती हूं कि निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। सूरज डूबने के बाद आप ही जीतेंगे। 2-4 राउंड की काउंटिंग हो चुकी है, काउंटिंग 14-18 राउंड तक चलती है और हम ही जीतेंगे। किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं है।
चुनाव में बंगाल को छोड़ कहीं पाँच बार भी नहीं गए पीएम मोदी
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद आज 4 मई का दिन बेहद निर्णायक होने जा रहा है। मतगणना के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तूफानी चुनाव प्रचार ने जनता के मन पर कितना प्रभाव डाला है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से प्रधानमंत्री ने इन सभी क्षेत्रों में कुल 29 चुनाव प्रचार अभियानों में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने रैलियों, जनसभाओं और मेगा रोड शो के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश की। प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी कार्यक्रमों का सबसे बड़ा केंद्र पश्चिम बंगाल रहा। यहां उन्होंने कुल 19 जिलों के 24 शहरों और क्षेत्रों में रैलियां कीं। 15 मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद से उन्होंने कोलकाता से लेकर मुर्शिदाबाद और बैरकपुर तक भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया। विशेषकर उत्तर 24 परगना जिले में प्रधानमंत्री ने सर्वाधिक चार बार मोर्चा संभाला, जिसमें पानीहाटी, दमदम और बनगांव के ठाकुरनगर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल थे। 2021 के चुनाव में इस जिले की 33 सीटों में से भाजपा को केवल पांच पर जीत मिली थी, ऐसे में इस बार प्रधानमंत्री के सघन प्रचार से पार्टी को बड़े उलटफेर की उम्मीद है।
हिमंत बिस्व सरमा फिर बनेंगे असम के सीएम
असम में एक बार फिर भाजपा रुझानों में सरकार बनाती दिख रही है। ताजा रुझानों के मुताबिक, 126 सीट वाली असम विधानसभा में भाजपा बहुमत का आंकड़ा पार कर गई है, जबकि उसके मुकाबले कांग्रेस काफी पीछे छूट गई। भाजपा की इस जीत का शिल्पकार बताया जा रहा है। असम में विधानसभा की कुल 126 विधानसभा सीटें हैं। प्रदेश की सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले गए थे। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में चुनाव मैदान में उतरी बीजेपी को जीत की हैट्रिक लगाने का भरोसा है। वहीं, सूबे की सत्ता से 10 साल लंबा वनवास समाप्त कराने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस को भी जीत की उम्मीद है। प्रदेश में इस बार रिकॉर्ड 85 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई है।
तमिलनाडु रुझानों पर सियासी संग्राम तेज
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के संकेत दे दिए हैं। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टवीके) 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिखाई दे रही है। वहीं सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कडग़म (डीएमके) अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन करती नजर आ रही है। इसी बीच मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर तीखा हमला बोला है। एक बातचीत के दौरान तिवारी ने कहा, कि जो लोग सनातन को मिटाने की बात कर रहे थे, उन्हें तमिलनाडु की जनता ने नकार दिया है। उन्होंने डीएमके नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए इसे जनता के जनादेश से जोडऩे की कोशिश की। रुझानों के अनुसार डीएमके करीब 50 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कडग़म (एआईएडीएमके) लगभग 70 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए दूसरे स्थान पर नजर आ रही है।
पुदुचेरी में सीएम रंगास्वामी ने बड़ी बढ़त से जीत दर्ज की
पुदुचेरी विधानसभा चुनाव के नतीजों में कई सीटों पर दिलचस्प मुकाबले देखने को मिले हैं। ताजा परिणामों के अनुसार, थट्टांचावडी, एम्बालम और मन्नादीपेट सीटों पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की गई है। थट्टांचावडी विधानसभा सीट (नंबर 9) पर मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने शानदार जीत हासिल की है। ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) के उम्मीदवार रंगासामी को 10,024 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी ई. विनायगम (नेयम मक्कल कझगम) को 5,583 वोट मिले। इस तरह रंगासामी ने 4,441 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। एन. रंगास्वामी चार बार (2001-2006, 2006-2008, 2011-2016, और 2021 से अब तक) पुडुचेरी के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
आसनसोल में हंगामा, हालात काबू करने को पुलिस का लाठीचार्ज
पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बवाल की खबर है। काउंटिंग के बीच कुछ लोगों ने हंगामा किया। मारपीट भी हुई। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बंगाल के कूच बिहार में भी टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई है। कुछ देर पहले बंगाल का बांकुरा में भी टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई है। आसनसोल-दुर्गापुर सीपी प्रणव कुमार ने कहा, यहां राजनीतिक पार्टी के कैम्प में तोडफ़ोड़ की गई है। यहां सेंट्रल फोर्स थी, अगर किसी की इसमें कोई गलती पाई गई तो कार्रवाई होगी।
ममता के घर के बाहर जय श्री राम के नारे लगे
रुझानों में भाजपा को मिली बढ़त से भाजपा कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह है। इसी उत्साह में मतगणना के बीच कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में सीएम ममता बनर्जी के घर के बाहर जय श्री राम के नारे लगाए।
जीत से पहले जश्न पर लगाम, नहीं निकलेंगे विजय जुलूस
परिणाम आने से पहले आयोग ने दिया आदेश
देश के विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही है। मतगणना की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक सुब्रता गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि परिणाम आने के दौरान या उसके बाद किसी भी प्रकार की विजय रैली या जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष जताते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर तकनीकी कारणों से सीसीटीवी कैमरों के कुछ मिनटों के लिए बंद होने जैसी छोटी शिकायतों का समाधान कर लिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर मालदा सहित पश्चिम बंगाल के संवेदनशील इलाकों में बख्तरबंद वाहनों से गश्त की जा रही है।
चुनाव के बीच नोआपारा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम खोलने की घोषणा के समय न तो उन्हें और न ही उनके किसी चुनाव एजेंट को भीतर जाने की अनुमति दी गई। उन्होंने इसे धांधली का प्रयास बताते हुए चुनाव पर्यवेक्षक से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। दूसरी ओर, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम खोले गए और सुचारू रूप से गिनती शुरू हुई। अन्य राज्यों की बात करें तो असम में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने बड़ी बढ़त हासिल कर ली है। रुझानों में एनडीए 69 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन मात्र 19 सीटों पर सिमटा दिख रहा है। तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन ने एआईएडीएमके पर मामूली बढ़त बनाई है। फिलहाल डीएमके 55 सीटों पर और विपक्षी गठबंधन 25 सीटों पर आगे है। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, लेकिन फिलहाल सबकी निगाहें पश्चिम बंगाल के कड़े मुकाबले पर टिकी हुई हैं।
केरल में यूडीएफ की बढ़त के बीच कांग्रेस मुख्यालय में जश्न का माहौल
केरल विधानसभा चुनावों की मतगणना के अंतिम चरण में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जोरदार बढ़त के साथ राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस मुख्यालय में जश्न का माहौल बन गया है। रुझानों के मुताबिक यूडीएफ करीब 96 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि वाम मोर्चा 41 और भाजपा 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस कार्यालय के अंदर प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ लगातार टीवी स्क्रीन पर विभिन्न सीटों के रुझानों पर नजर बनाए हुए थे। शुरुआती दौर में उनके पीछे होने की खबर से कुछ समय के लिए चिंता जरूर बढ़ी, लेकिन जल्द ही उन्होंने बढ़त हासिल कर ली, जो पूरे राज्य में यूडीएफ के प्रदर्शन को दर्शाती है। जैसे-जैसे यूडीएफ की बढ़त मजबूत होती गई, वरिष्ठ नेताओं का पार्टी मुख्यालय पहुंचना शुरू हो गया। वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला सबसे पहले पहुंचने वालों में थे, जो हरिपद सीट से 10,000 से अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं। उनके पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और उन्हें कंधों पर उठाकर कार्यालय के अंदर ले गए। इसके बाद के.सी. वेणुगोपाल, जिन्हें मुख्यमंत्री पद का संभावित दावेदार माना जा रहा है, भी मुख्यालय पहुंचे। उनके स्वागत में कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर दिखा और उन्हें भी कंधों पर उठाकर अंदर ले जाया गया।
सबसे ज्यादा उत्साह उस समय देखने को मिला जब नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन मुख्यालय पहुंचे। शुरुआती राउंड में पीछे रहने के बाद उन्होंने परावूर सीट पर वापसी करते हुए बढ़त बना ली। उनके पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस दौरान के.सी. वेणुगोपाल ने पार्टी कार्यालय में जीत का केक काटा, जिसे शशि थरूर, सनी जोसेफ, रमेश चेन्निथला और वी.डी. सतीशन सहित अन्य नेताओं को खिलाया गया।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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