
क्रूज को सीधा करने का कार्य जारी है, अभी आधा ही सीधा हो पाया है क्रूज
जबलपुर (जयलोक)। बरगी बाँध में कल एक कू्रज के डूब जाने से मौत का तांडव मच गया। मौत के इस कू्रज से कल जहां चार शव निकाले गए थे वहीं आज सुबह पाँच शव और निकाले जा चुके हैं। इस तरह अभी तक 9 शव मिल चुके हैं। वहीं 28 लोगों को कल सुरक्षित निकाल लिया गया था। बरगी बाँध में तूफान में पलट गए कू्रज को सीधा करने की कोशिशें आज सुबह से फिर जारी हैं। लेकिन अभी तक कू्रज को सीधा नहीं किया जा सका है। इस उलटे कू्रज में अभी भी शवों के फंसे होने की संभावना जताई जा रही है। बरगी बाँध में रेस्क्यू ऑपरेशन कल देर रात तक चला। वहीं आज सुबह सवेरा होते ही 6 बजे से सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड सहित, स्थानीय गोताखोरों ने एक बार फिर लापता लोगों की तलाश शुरू कर दी है।
रेस्क्ूय ऑपरेशन के लिए आगरा और हैदराबाद से भी एनडीआरएफ और सेना की टीम बुलाई गई है। इसी टीम ने आज सुबह पाँच शवों को बाहर निकाला है। लापता लोगों के शवों के तलाश के लिए कू्रज को काटा भी जा रहा है।

अब तक 9 शव बरामद
बरगी बाँध में हुए इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। कल चार शव मिले थे वहीं आज सुबह पाँच शव और मिले। जबकि 9 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और जिला प्रशासन तथा सुरक्षा बल लापता लोगों की तलाश में युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं।

बचाव दल जुटा राहत कार्य में
शुरुआती दौर में राज्य आपदा मोचन बल की टीमों ने मोर्चा संभाला और कई लोगों को पानी से बाहर निकाला। लेकिन रात के समय खराब मौसम और अंधेरे के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ।


कू्रज नहीं हो पा रहा है सीधा
डैम में डूबे कू्रज को बाहर निकालने के लिए हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन सारे प्रयासों के बावजूद कू्रज को सीधा नहीं किया जा रहा है। इस कू्रज को सीधा करने और किनारे लाने के लिए पहले रस्सों का उपयोग किया गया। लेकिन यह रस्से बार बार टूट रहे थे। रस्सों से निकालने की कार्रवाही के नाकामयाब होने के बाद हाईड्रोलिक मशीन और पोकलेन मशीन का भी उपयोग किया जा रहा है। लेकिन इन मशीनों के वायर के तार भी दबाव के कारण टूट रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक कू्रज सीधा नहीं हो पाया है। उलेट क्रूज को ही काटकर उसमें से शव निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इनकी हुई मौत
कू्रज पलटने से हुए हादसे में मृत लोगों की पहचान हो चुकी है। मृतकों में श्रीमती नीतू सोनी (43), श्रीमती सौभाग्यम अलागन (42), श्रीमती मधुर मैसी (62), श्रीमती काकुलाझी (38), श्रीमती रेशमा सैयद (66), शमीम नकवी (66), मरिना (39) और त्रिशान (4) शामिल हैं। इसके अलावा अभी भी कई लोग लापता है। जिनकी तलाश की जा रही है।
परिजनों की हुईं आंखे नम
मृत लोगों और लापता लोगों के परिजन रात भर घटना स्थल पर ही मौजूद रहे। जिनकी शव मिल गए उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं जो लोग अभी भी लापता हैं उनके परिजन अपने परिवार वालों की सलामत की प्राथना कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शी एक वकील का दावा 60-65 लोग थे सवार
इस दुर्घटना में बचे एक प्रत्यक्षदर्शी यात्री अधिवक्ता रोशन आनंद तो यह दावा कर रहे हैं कि कू्रज में काफी भीड़ थी। उस पर लगभग 60 से 65 लोग सवार थे जिनमें 7 से 8 छोटे बच्चे, बुजुर्ग महिलाएं तथा अन्य प्रदेशों से आए पर्यटकों के परिजन शामिल थे।
कू्रज के पायलट का दस साल का अनुभव भी नहीं आया काम
पूरे हादसे की जानकारी देते हुए कू्रज के पायलट महेश ने बताया कि तेज हवा चलने से कू्रज बहक गया था। उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। लेकिन हवा और तूफान के कारण कू्रज अनियंत्रित हो गया और उनका दस साल का अनुभव भी लोगों की जान नहीं बच सका।
खमरिया फैक्ट्री का कर्मचारी भी शामिल
इस हादसे में यह बात भी सामने आ रही है कि कू्रज में खमरिया फैक्ट्री का कर्मचारी भी शामिल था। कामराज अपने 15 सदस्यों के साथ घूमने गए थे। उनके माता-पिता किनारे पर ही रुक गए थे।
यात्रियों की संख्या को लेकर हो रहे हैं अलग अलग दावे
बरगी बाँध में कल जो कू्रज उलट गया उसमें कितने लोग सवार थे इसे लेकर तरह तरह के दावे और आंकड़े भी सामने आ रहे हैं। यह बताया जा रहा है कि कू्रज में जो लोग सवार थे उनमें 29 लोगों ने ही टिकिट ली थी। जबकि प्रत्यक्षदर्शी बता रहे हैं जिस कू्रज से यह हादसा हुआ है उसमें 40 यात्री सवार थे। वहीं यह भी जानकारी सामने आ रही है कि इसमें 65 लोग सवार थे। जबकि कू्रज की क्षमता 60 यात्रियों की है। कई यात्रियों ने लाइफ जैकेट भी नहीं पहनी थी।
मौत के बाद भी बच्चा माँ के हाथों में जकड़ा रहा
इसी बीच आज सामने आए एक दृश्य ने सभी को भावुक कर दिया। यहां माँ बेटे का शव एक दूसरे के सीने से लिपटा मिला। इस भावुक दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ही वहां उपस्थित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा बचावदल की भी आँखे भर आईं। मां ने अपने बेटे को एक ही लाइफ जैकेट के अंदर सीने से कसकर चिपका रखा था। यह दृश्य देखकर समझा आ रहा है कि मां बच्चे को बचाने के लिए अंतिम समय तक जूझती रही, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका। रेस्क्यू टीम आज सुबह जब शवों को खोज रही थी तब उन्होंने देखा कि मां के हाथ बच्चे की पीठ पर थे, ऐसा लगा जैसे वह उसे बचाने की आखिरी कोशिश कर रही थी। दोनों के शरीर इस कदर जुड़े थे कि उन्हें अलग करना भी मुश्किल हो गया। यहां केवल एक परिवार नहीं टूटा, बल्कि मातृत्व का वह रूप दिखा जो अंतिम क्षण तक अपने बच्चे को छोडऩे को तैयार नहीं था। यही वजह है कि इस दृश्य ने हर किसी को भावुक कर दिया।
लोक निर्माण मंत्री पूरी रात और आज सुबह से बचाव कार्य के लिए संसाधन जुटाने में सक्रिय
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह कल दिल्ली से लौटते ही विमानतल से सीधे बरगी के दुर्घटना स्थल पर पहुँच गए। वे लगातार वहां बचाव कार्य के लिए संसाधनों को उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासरत रहे। कलेक्टर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने स्तर पर बचाव कार्य के लिए संसाधन जुटा रहे थे। लेकिन प्रदेश के मंत्री के नाते श्री राकेश सिंह ने प्रदेश शासन के स्तर पर केन्द्र से संबंधित बचाव दलों को बुलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के प्रयासों से सेना तथा अन्य बचाव दल अपने साजों सामान के साथ आ गए। श्री राकेश सिंह पूरी रात घटना स्थल पर मौजूद रहे वहीं सुबह 6 बजे से एक बार फिर वे बचाव कार्य में तत्पर रहे।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बरगी बाँध में हुए दर्दनाक नांव हादसे पर दुख जताया है। तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इस दुखद दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवार के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं तथा वे घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता में जुटी हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से प्रत्येक मृतक परिवार को तथा 50 हजार रूपये घायल लोगों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
जबलपुर आ रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भोपाल से डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना हो चुके हैं। डुमना एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वे सबसे पहले साउथ सिविल लाइन स्थित भसीन रेसीडेंसी जाएंगे और मृतक सैयद हुसैन के परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करेंगे। इसके पश्चात उनका काफिला कोतवाली दरहाई रोड पहुंचेगा, जहां वे मृतक श्रीमती नीतू सोनी के निवास पर जाकर शोक संवेदना प्रकट करेंगे। इस पूरी शोक यात्रा के बाद मुख्यमंत्री सडक़ मार्ग द्वारा दुर्घटना स्थल का निरीक्षण करने के लिए रवाना होंगे। इस संवेदनशील दौरे के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उनके साथ मौजूद रहेंगे।
दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई प्रभारी मंत्री देवड़ा
बरगी का भयानक मंजर देखने सायरन बजाती हुई गाडिय़ों के काफिले के साथ आज उपमुख्यमंत्री तथा जबलपुर के प्रभारी जगदीश देवड़ा घटनास्थल पर पहुंचे। मीडिया से रूबरू होते प्रभारी मंत्री श्री देवड़ा ने जबलपुर के जनप्रतिनिधि के साथ दुख प्रकट करते हुए दोषियों पर कठोर कार्यवाही करने का आश्वासन देकर दुखी परिवारों के साथ हुई असहनीय न भूलने वाली पीड़ा पर सहानभूति व्यक्त की।
नेता प्रतिपक्ष भी बरगी पहँुचे
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमर सिंगार बरगी बांध के दुर्घटना स्थल परह पहुंचे और हालात की जानकारी दी।
अभी चार लोगों की तलाश जारी
डीआईजी अतुल ङ्क्षसह ने बताया कि अभी कू्रज दुर्घटना में लापता चार लोगों की तलाश होना बाकी रह गया है। प्रशासन द्वारा तैयार की गई सूची के अनुसार अब इन्हीं चार लोगों की तलाश की जा रही है।
इनका कहना है
दुखी कर देने वाली घटना है हर कोई दुखी है। कल रात से ही रेस्क्यू कार्य चल रहा है। कू्रज उलटा हो चुका है कठिनाईयाँ भी बहुत आ रही हैं। 28 लोग सकुशल मिल चुके हैं। कुछ अभी भी लापता है। इस हादसे की जाँच भी होगी और दोषी पर कार्रवाही होगी।
राकेश सिंह, लोक निर्माण मंत्री
आज सुबह पाँच लाशें और निकाली गई हैं। कुल 9 लोगों की लाशें निकाली जा चुकी हैं। सर्च अभियान जारी है। कू्रज की मैन बॉडी को भी निकाला जा रहा है। पानी काफी गंदा है कू्रज के निकालने में समय लग रहा है।
राघवेन्द्र सिंह, कलेक्टर
निगमायुक्त ने रांझी क्षेत्र का किया औचक निरीक्षण व्यवस्थाएँ दुरुस्त करने के दिए निर्देश
Author: Jai Lok






