
लखीसराय। बिहार के लखीसराय में आज सोमवार को भगदड़ मच गई। हादसे में 7 महिलाओं की मौत हो गई। 23 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। 3 की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका है। घटना अशोकधाम स्टेशन से मंदिर जाने वाले रास्ते पर हुई।
लखीसराय डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पुरुषों की लाइन की तरफ एक खंभा गिर गया। इसके बाद अफवाह फैली कि लोगों पर बिजली की चालू लाइन का तार गिर गया, जबकि वह सिर्फ एक केबल वायर (डिश/इंटरनेट का तार) था। पुरुषों की तरफ से भीड़ का दबाव महिलाओं की लाइन पर पड़ा, जिससे वे एक-दूसरे पर गिर गईं। चार मृतकों की पहचान हुई है। इनमें लखीसराय की मधुबाला देवी, मनमाला देवी, हेमलता देवी और मुंगेर की रिंकू देवी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। वहीं सीएम सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। प्रशासन के अनुसार, सोमवार सुबह अशोकधाम हॉल्ट पर एक ही समय में दोनों दिशाओं से ट्रेनें पहुंचीं। ट्रेनों को देखकर कुछ युवकों ने अचानक दौडऩा शुरू कर दिया। इसी दौरान रास्ते में लगी बांस की बैरिकेडिंग टूट गई और बिजली का एक पोल भी गिर गया। पोल गिरते ही श्रद्धालुओं के बीच यह अफवाह फैल गई कि बिजली का करंट फैल गया है। देखते ही देखते अफवाह तेजी से फैल गई और लोगों में दहशत पैदा हो गई। प्रशासन का कहना है कि घटना के समय बिजली आपूर्ति बंद थी और तार कवर किया हुआ था। इसके बावजूद श्रद्धालु सुरक्षित निकलने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ा और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।
करंट से मौत की सूचना निकली गलत
हादसे के तुरंत बाद यह सूचना सामने आई कि 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इससे मौके पर मौजूद लोगों में और अधिक भय फैल गया। हालांकि, बाद में जिला प्रशासन ने प्रेस वार्ता कर मौतों की वजह स्पष्ट की। डीएम शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु की मौत करंट लगने से नहीं हुई है। प्रशासन के अनुसार, भगदड़ के दौरान भीड़ में दबने से सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई है। अचानक भगदड़ मचने के कारण श्रद्धालुओं को संभलने का मौका नहीं मिला। लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। भीड़ का दबाव बढऩे से कई लोग जमीन पर गिर गए और उनके ऊपर दूसरे श्रद्धालु गिरते चले गए।
Author: Jai Lok






