
भारतीय जनता पार्टी और अखिल भारतीय कांग्रेस देश के दो राष्ट्रीय दल हैं। यह दोनों ही दल अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनते हैं। भारतीय जनता पार्टी ने एक युवा नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना कर सबको चौंका दिया है । वही पिछले वर्ष कांग्रेस ने मल्लिकार्जुन खडग़े के रूप में एक वयोवृद्ध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है। कांग्रेस में खडग़े के पहले युवा राहुल गांधी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे।राहुल गांधी के पूर्व उनकी माँ सोनिया गांधी लंबे समय तक कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी रहीं। कांग्रेस में जब राहुल गांधी की जगह नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की चर्चाएं शुरू हुईं तब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए मल्लिकार्जुन खडग़े और उनसे कम उम्र के शशि थरूर उम्मीदवार बने। कांग्रेसियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की पसंद के मल्लिकार्जुन खडग़े को अध्यक्ष चुना और युवा शशि थरूर को मतदान में हरा दिया। इस चुनाव से यह स्पष्ट हो गया था कि कांग्रेस शशि थरूर जैसे युवा नेतृत्व को पसंद नहीं करती है। वैसे भी कांग्रेस में किसी युवा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की परंपरा नहीं रही है। सिर्फ राहुल गांधी एक अपवाद हैं। आज कांग्रेस के वयोवृद्ध मल्लिकार्जुन खडग़े की स्थिति ऐसी है कि मंच पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी उन्हें पानी की बोतल खोलकर पानी पिलाते हैं। अभी पिछले सप्ताह ही राहुल गांधी कांग्रेस के आयोजन में मल्लिकार्जुन खडग़े के कंधों को सार्वजनिक रूप से दबाते नजर आए। अब यह देखकर सहज ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कितने ऊर्जावान हैं और वे कांग्रेस को कहां ले जाएंगे। वैसे 150 वर्ष की बूढ़ी हो चुकी कांग्रेस को बूढ़े नेताओं का नेतृत्व ही नसीब है।
वहीं दूसरी और भारतीय जनता पार्टी है जिसने युवा नेतृत्व को राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद की कमान संभालने के अवसर दिए। नितिन गडकरी के बाद अभी मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी अपेक्षाकृत युवा ही हैं वहीं अब भारतीय जनता पार्टी ने अपने कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में बिहार के एक 45 वर्षीय युवा नेता को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर यह संदेश दे दिया है कि भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व अब युवा ही करेंगे। इसके पूर्व हम सब ने यह देखा है कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने अपेक्षाकृत युवा डॉक्टर मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंका दिया था। अब यह दूसरा मौका है जब भाजपा ने एक युवा नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। भारतीय जनता पार्टी लगातार साबित कर रही है कि जमीनी कार्यकर्ता नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। तो ऐसे ही मेहनती कार्यकर्ता को राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है। नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने को लेकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कहा है कि नितिन जी ने मेहनती कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। वह एक युवा और कर्मठ नेता हैं। उनकी ऊर्जा और समर्पण आने वाले समय में पार्टी को मजबूत करेगा। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर प्रधानमंत्री ने उन्हें बधाई भी दी है। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी यह कहा है कि बिहार की जनता ने भारतीय जनता पार्टी पर जो भरोसा जताया है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संगठन ने रिटर्न गिफ्ट के रूप में बिहार को कार्यकारी अध्यक्ष का पद दिया है। जिसकी जिम्मेदारी वे बखूबी निभाएंगे और चुनाव पर फोकस करेंगे। नितिन नवीन बिहार से अध्यक्ष बनने वाले पहले भाजपा नेता हैं। नितिन नवीन भाजपा के एक लो प्रोफाइल में काम करने वाले नेता हैं और उन्हें जो भी दायित्व दिए गए हैं उनको वह बखूबी निभाते आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में जब नितिन नवीन भाजपा के प्रभारी बने तब विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत ने न केवल सबको चौंकाया बल्कि नितिन नवीन की संगठन क्षमता का भी लोहा माना गया। इसके पूर्व नितिन नवीन ने ही सिक्किम में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार भी बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नितिन नवीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर भी अनुमानों के घोड़े दौड़ रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा के स्थापित वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान देने के बजाय एक ऐसे नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकार गृहमंत्री अमित शाह के मातहत रहकर अपने दायित्व को निभाएं। इसीलिए किसी वरिष्ठ नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए प्राथमिकता देने की आवश्यकता नहीं समझी गई। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के पास पहले से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में एक करिश्माई चेहरा है वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी की ओर से सटीक चुनावी रणनीति बनाने में महारत रखने वाले अमित शाह भी मौजूद हैं। इसीलिए भारतीय जनता पार्टी को एक ऐसा राष्ट्रीय अध्यक्ष चाहिए था जो युवा कुशल संगठन और समन्वयक हो। निश्चित रूप से अब नितिन नवीन की प्राथमिकता भारतीय जनता पार्टी के संगठन को और मजबूती देना होगी आने वाले समय में पश्चिम बंगाल, असम केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के समय नितिन नवीन के नेतृत्व की अग्नि परीक्षा भी होगी। वहीं उन्हें भाजपा के सर्वव्यापी और सर्वस्पर्शी संगठन को नया नेतृत्व देकर संगठन को नीचे से उभारने की महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाना पड़ेगी और उन्हें केंद्रीय नेतृत्व के भरोसे पर खरा भी उतरना होगा।
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Author: Jai Lok







