
जबलपुर (जय लोक)। एक ओर भीषण गर्मी की चपेट में जनजीवन आ चुका है। वहीं दूसरी ओर इस भीषण गर्मी में जिस बिजली विभाग को आम लोगों को राहत देना चाहिए वह विभाग बिजली कटौती का शिकार लोगों को बना रहा है। बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। सरकार और विद्युत वितरण कम्पनी बिजली व्यवस्था बेहतर रहने के कितने भी दावे करें, लेकिन उनके दावों की पोल अपने-आप खुल रही है। शहर में मेंटिनेंस के नाम पर बिजली घण्टों गोल रहती है। वहीं दूसरी ओर गांव में अटल ज्योति योजना ने दम तोड़ दिया है। गांव में 8 से 10 घण्टे ही बिजली मिल पा रही है। लेकिन विभाग के जिम्मेदार हैं कि हकीकत को मानने तैयार नहीं हैं।
बीते करीब एक पखवाड़े से शहर एवं जिले के प्राय: सभी स्थानों पर अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला भीषण गर्मी में शुरू हो गया है। इस कटौती का न तो कोई शैड्यूल है और न ही इसके बारे में किसी के पास कोई पुख्ता जवाब है। इस अघोषित बिजली कटौती से गर्मी के इन दिनों में वक्त गुजारना मुश्किल हो रहा है।

दोपहर के वक्त बिजली जाने से लोग अपने आपको यहां-वहां व्यस्त कर कुछ देर के लिए परेशानी को भुला लेते हैं, लेकिन रात के वक्त जाने वाली बिजली सभी को खून के आंसू रूलाती है, क्योंकि देर रात तो कोई घर से बाहर निकल नहीं सकता और बिना कूलर, पंखे के घर में सो नहीं सकता। लिहाजा रात में गायब होने वाली लाईट लोगों के लिए और भी कष्टदायक साबित हो रही है। बीते 24 घंटों के दौरान शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब दर्जन-भर बार बिजली गई, लोग करीब आधा-घंटा हर बार परेशान हुए। सिविक सेंटर, रसल चौक, विजय नगर, सदर, बिलहरी, धनवंतरी नगर, गढ़ा, शास्त्री नगर, संस्कार सिटी, पंचकुईया, मदार टेकरी, अधारताल, नालबंद मोहल्ला, मिलौनीगंज, रिमझा, नुनसर, जैसे व्यस्ततम इलाकों में अघोषित विद्युत कटौती हो रही है। लोग परेशान होते रहे, लेकिन रात के सन्नाटे में उनकी सुनने वाला कोई नहीं रहा।

अधिकारियों के नहीं उठते फोन
अघोषित कटौती हो या फिर ट्रांसफार्मर का फॉल्ट या सर्विस लाईन फॉल्ट कॉल सेंटर भी रिस्पांस नहीं करता। शहर में जेईई से लेकर एसई तक किसी के फोन नहीं उठते। बिजली मुख्यालय में यह हाल है तो प्रदेश के हालातों का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। अभी गर्मी में यह हाल है तो मेंटनेंस के अभाव में बारिश के सीजन में और दिक्कतें आएगी।


देर रात गुल हो रही बिजली
गर्मी के मौसम में जैसे तैसे तो दिन गुजर जाता है। थकहारकर लोग काम खत्म करने के बाद लोग चैन की नींद सोना पसंद करते हैं लेकिन भीषण गर्मी में बिजली विभाग ने उनकी नींद भी हराम कर रखी है। देर रात कभी भी बिजली कटौती की जा रही है। जिससे लोगों की रातों की भी नींद उड़ गई है। एक कटौती कुछ देर के लिए नहीं बल्कि एक घंटे या दो घंटे तक रहती है। बिजली विभाग के शिकायत केन्द्र में फोन लगाने पर फोन या तो व्यस्त आ रहे हैं या फिर घंटी बजती रहती है लेकिन शिकायत सुनने वाला कोई नहीं रहता।
Author: Jai Lok






