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राममंदिर चढ़ावा चोरी : पीएम मोदी को राहुल का पत्र आपकी चुप्पी स्वीकार नहीं

ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक हों

अयोध्या/नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने पीएम मोदी को चि_ी लिखी है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि हर भक्त जान सके कि चढ़ावे का इस्तेमाल कहां और कैसे हुआ। जांच में जो भी जिम्मेदार पाए जाएं, उनकी जवाबदेही तय हो। उन्होंने पीएम मोदी से कहा, आपने संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन इसके सदस्यों की नियुक्ति पूरी तरह से सरकार ने की। यह बात जगजाहिर है कि ट्रस्ट के सदस्य आरएसएस, विहिप और उसके सहयोगियों से जुड़े हैं। पूर्व महासचिव भी आपके करीबी थे। ऐसे में आपकी चुप्पी स्वीकार नहीं है। जवाबदेही सुनिश्चित करना आपका कर्तव्य है। सरकार और ट्रस्ट की साख इसी बात पर टिकी है।

इधर, आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ च्टिन्नू और उसके भतीजे मनीष की पुलिस कस्टडी का आज आखिरी दिन है। शनिवार सुबह साढ़े 8 बजे पुलिस दोनों को जिला जेल से अपने साथ 39 घंटे की रिमांड पर ले गई थी। पुलिसकर्मी रात 11 बजे तक स्ह्रत्र ऑफिस में ही मौजूद रहे। आरोपियों को कहीं और नहीं ले जाया गया।
टिन्नू, पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी रहा है। वह मंदिर के दानपात्रों की देखरेख करता था, जबकि मनीष चढ़ावे की गिनती का काम करता था। पुलिस ने टिन्नू के घर से 1 लाख रुपए और मनीष के घर से 2 लाख रुपए बरामद किए थे। इससे पहले पुलिस 6 अन्य आरोपियो अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर मिश्रा और करुणेश को रिमांड पर ले चुकी है।

रामभक्त कौन, कैसे तय होगा-सपा सांसद हरेंद्र मलिक
मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान पर पलटवार किया। कहा- रामभक्त कौन है, यह कौन तय करेगा? भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। यह तय करना किसी के लिए संभव नहीं है कि कौन सच्चा रामभक्त है और कौन नहीं। अगर किसी के पास ऐसी कोई मशीन है जो यह बता सके कि किसकी आस्था सच्ची है और किसकी नहीं, तो पहले उसी मशीन से जांच कर लोगों को मंदिर में प्रवेश दिया जाए।
दरअसल, दो दिन पहले सतीश महाना का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वह कहते दिखाई दे रहे थे कि जिन्होंने श्रद्धापूर्वक भगवान के मंदिर में पैसा अर्पित नहीं किया, उन्हीं का पैसा चोरी हुआ है। हमारा पैसा चोरी नहीं हुआ, हमारा पैसा मंदिर में लगा है। मंदिर का भव्य स्वरूप इसका प्रमाण है। महाना का बयान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान पर पलटवार था, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने पूरी सच्ची श्रद्धा से राममंदिर में दान किया था, पर पैसा चोरी कर लिया गया।

ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए 5000 लोगों ने आवेदन किया
राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए अब तक 5000 लोगों ने आवेदन किया है। आवेदन की अंतिम तारीख कल यानी 18 जुलाई थी। 22 जुलाई को होने वाली बैठक इस पर भी चर्चा की जाएगी।

वित्तीय अनियमितता की जाँच होनी चाहिए-जगद्गुरु परमहंस आचार्य
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने राम मंदिर मामले में निर्मोही अखाड़े के सुप्रीम कोर्ट जाने पर कहा- केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ट्रस्ट का गठन किया था। अगर कोई वित्तीय अनियमितता हुई है, तो उसकी जांच होनी चाहिए। अगर ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाता है, तो अयोध्या के संतों और सनातनी समुदाय की मांग है कि इसमें ढ्ढहृष्ठढ्ढ्र ब्लॉक से जुड़ा कोई भी व्यक्ति शामिल न हो, चाहे वह संत हो, आम नागरिक हो या किसी संगठन का प्रतिनिधि…।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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