
जबलपुर (जयलोक)। आम नागरिकों को सस्ता, सरल और त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से आज शनिवार को जबलपुर जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में हर तरह के मामलों में लोगों को राहत मिल रही है। वहीं नागरिकों को भुगतान में भी छूट दी जा रही है। आज जिला न्यायालय, नगर निगम, तहसील न्यायालय पाटन व सिहोरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। लोक अदालत का यह आयोजन केवल एक न्यायिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज में सौहार्द, समझौते और विश्वास को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित यह लोक अदालत, प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कृष्णमूर्ति मिश्र के नेतृत्व में संपन्न हो रही है।

सभी न्यायाधीशगणों को प्रेरित किया गया है कि वे अधिक से अधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण कर, लोगों को शीघ्र न्याय दिलाने में योगदान दें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शक्ति वर्मा ने जानकारी दी कि इस लोक अदालत में आपराधिक राजीनामा योग्य प्रकरण, सिविल विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, भरण-पोषण, चेक बाउंस, श्रम विवाद, पारिवारिक एवं वैवाहिक प्रकरण सहित अनेक मामलों का समाधान आपसी सहमति से किया गया। इसके साथ ही बैंक, नगर पालिका, विद्युत विभाग व बीएसएनएल से जुड़े प्रीलिटिगेशन मामलों का भी निपटारा किया जा रहा है।

लोक अदालत में नगर निगम भी करदाताओं को करों में दे रही है छूट
म.प्र. शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय भोपाल के निर्देशानुसार नगर निगम ने शहर के नागरिकों को अपने पुराने बकाया करों का निपटारा करने का एक सुनहरा अवसर दिया है। आज आयोजित हुई वार्षिक नेशनल लोक अदालत में शासन द्वारा नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 162 व 163 में निहित शक्तियों को उपोग करते हुए संपत्ति कर और जलकर के सरचार्ज (अधिभार) पर भारी छूट करदाताओं को छूट दी जा रही है।


निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि यह छूट वित्तीय वर्ष 2025-26 में वन टाइम सेटलमेंट के तहत केवल एक बार के लिए दी जा रही है। निगमायुक्त ने यह भी बताया कि वार्षिक नेशनल लोक अदालत में सम्पत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपये तक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 100 प्रतिशत तक की छूट, 50 हजार रूपये से अधिक तथा 1 लाख रूपये तक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत तक की छूट, 1 लाख रूपये से अधिक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
निगमायुक्त ने बताया कि जलकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 10 हजार रूपये तक बकाया होने पर 100 प्रतिशत की छूट, राशि 10 हजार रूपये से अधिक तथा 50 हजार रूपये से कम बकाया होने पर मात्र अधिभार में 75 प्रतिशत की छूट, राशि 50 हजार रूपये से अधिक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह छूट मात्र एक बार ही दी जायेगी, उन्होंने बताया कि छूट उपरांत राशि अधिकतम् दो किश्तों में जमा कराई जायेगी, जिसमें से कम से कम 50 प्रतिशत राशि वार्षिक नेशनल लोक अदालत के दिन जमा कराई जायेगी, शेष राशि अधिकतम एक माह में जमा कराना अनिवार्य होगा।
Author: Jai Lok






