
सैकड़ों ट्रालियाँ अवैध रेत और कई वाहन जप्त, लगेगा लाखों का जुर्माना
जबलपुर (जय लोक)। जिले में सक्रिय रेत माफिया के खिलाफ जिला प्रशासन ने खनिज, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाही का सिलसिला तेज कर दिया है। अब इस संयुक्त टीम का निशाना अवैध रेत भंडारण पर है। विगत दो माह में जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों स्थानों पर संयुक्त टीम के द्वारा छापेमार कार्रवाही कर सैंकड़ों ट्रालियाँ अवैध रूप से भंडारित कर रखी गई रेत को जप्त किया गया है। इसके साथ ही पोकलेन, जेसीबी, हाईवा जैसे बड़े वाहनों को भी जप्त किया गया है। खनिज विभाग ने जाँच के दौरान अवैध रेत उत्खनन करने वाले लोगों की भूमिका पाए जाने पर उनके विरुद्ध प्रकरण तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। सुनवाई उपरांत दोषी पाए जाने पर इनके विरुद्ध लाखों करोड़ों की राशि जुर्माने के रुप में अधिरोपित होगी। वर्तमान में जिले भर की 31 रेत खदानों के लिए निकाले गए चौथे टेंडर में भी कोई ठेकेदार नहीं आया है। इस हिसाब से वर्तमान में जिले में कोई भी स्वीकृत वैध खदान संचालित नहीं हो रही है। इसी का फायदा उठाते हुए रेत माफिया लगातार सक्रिय हैं और रेत माफिया पर शिकंजा कसने के लिए कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने संयुक्त टीम का गठन किया है जो लगातार कार्रवाहियाँ कर रही हैं। विगत दो माह में पाटन क्षेत्र के वासन और हरदुआ, शहपुरा क्षेत्र के शीतलपुरा, पावला, मेरागांव, बेलखेड़ा, मालकछार, मझौली क्षेत्र के खन्नी, जबलपुर क्षेत्र के खिरेहनी, जम्तरा, चरवगां आदि क्षेत्रों में लगातार कार्रवाहियाँ की गई हैं।

अक्टूबर में फिर से जारी होगी निविदा
विगत वर्ष अक्टूबर 2025 में वैध रेत के पुराने ठेके समाप्त हो गए थे जिसके बाद चार बार निविदा प्रक्रिया किए जाने के बाद भी नए ठेकेदार नहीं आए हैं। जुलाई के प्रथम सप्ताह में चौथी निविदा प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। अब पाँचवी बार निविदा प्रक्रिया अक्टूबर माह में संपादित हो पाएगी। इस बीच अवैध रेत उत्खनन को रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

बारिश में बंद होगा खनन
जिले में बारिश ने दस्तक दे दी है। जैसे जैसे बारिश का सिलसिला तेज होता जाएगा, मुख्य नदियों और सहायक नदियों में पानी का बहाव और जलस्तर बढ़ जाएगा जिसके कारण रेत उत्खनन का कार्य नहीं हो पाएगा। इसलिए रेत माफिया से जुड़े लोग वर्तमान में नदियों के आसपास लगे खेतों को किराए पर लेकर वहां अवैध रूप से रेत का भंडारण कर रहे हैं। ताकि बारिश मे ऊंचे दामों पर रेत की कालाबाजारी की जा सके।


ई-चैक गेटों से भी हो रही निगरानी
अप्रैल महिने में जिले में एआई आधारित ई-चैक गेटों से भी खनिज विभाग द्वारा 24 घंटे खनिज लेकर गुजरने वाले वाहनों पर निगरानी रखी जा रही है। पूर्व में मुरम, एमसेंड, गिट्टी का परिवहन करने वाले वाहनों पर इसी आधुनिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाही की जा चुकी है।
कल भी हुई कार्रवाही
कलेक्टर के निर्देश एवं खनि अधिकारी एके राय एवं एसडीएम पाटन सृष्टि प्रजापति के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी सिहोरा आईपीएस आदित्य सिन्हारिया के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस व खनिज अमले द्वारा जांच दौरान अनुभाग पाटन अंतर्गत तहसील पाटन के ग्राम हरदुआ में संयुक औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दौरान ग्राम हरदुआ में खनिज रेत का अवैध भंडारण पाए जाने पर खनिज रेत मात्रा करीब दो हाईवा तथा एक पोकलेन मशीन मौके से लावारिस जप्त कर आगामी आदेश पर्यत थाना प्रभारी थाना पाटन की सुपुर्दगी/अभिरक्षा में प्रदाय किया गया। खनिजों के अवैध भंडारण के तारतम्य में संपादित उक्त कार्यवाही में तहसीलदार पाटन सच्चिदानंद त्रिपाठी, थाना प्रभारी पाटन गोविंद सिंह राजपूत, खनि निरीक्षक विवेकानंद यादव, पटवारी एवं होमगार्ड महेंद्र पटेल तथा पुलिस व राजस्व अमले सम्मिलित रहा। इसी प्रकार एक अन्य कार्यवाही में ग्राम गाड़ाघाट टोल के पास की गई। यहां खनिज रेत परिवहन, खनन में प्रयोग की जाती रही अवैधानिक बिल बुक (रसीद) सहित पाए जाने पर गोविंद धुर्वे से उक्त रसीद बुक जप्ती की कार्यवाही की जाकर प्रथम दृष्टया फर्जी तरीके से खनिज रेत की परिवहन एवं व्यापार में संलिप्ता के दृष्टिगत संबंधितों के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही हेतु थाना पाटन में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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Author: Jai Lok






