
जबलपुर (जय लोक)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के परसों रात ग्वालियर प्रवास पर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक स्वागत करने के लिए पहुंचे थे। भीड़ अत्यधिक हो गई थी और इस भीड़ में एक छोटी बच्ची भीड़ में फस गई और अपने परिजनों से दूर होकर भीड़ में दबती चली गई।

इस घटना की खबरें प्रमुखता से अखबारों में प्रकाशित हुईं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद श्री विवेक कृष्ण तन्खा ने सोशल मीडिया पर अपना बयान जारी करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ट्वीट कर यह अपील की है कि देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर किसी भी प्रकार के स्वागत कार्यक्रम में भीड़ के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगाया जाए। किसी भी शिक्षित देश में यह दृश्य नहीं देखने को मिलते हैं। जन सुरक्षा और यात्रियों के हित में यह निर्णय लेना आवश्यक है। यह जनता की सुरक्षा का विषय है और यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण बात है। रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट सफर करने वाले यात्रियों के लिए बनाए गए हैं। भीड़ के स्वागत सत्कार के लिए रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट नहीं है। ऐसी स्थिति निर्मित होने पर सार्वजनिक उपद्रव जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है।

प्रकाशित समाचारों में इस बात का उल्लेख है कि शुक्रवार की रात को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर पहुंचे। यहां उनका स्वागत करने के लिए भारी भीड़ एकत्रित हो गई। इस अफरा तफरी में स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को बहुत असुविधा का सामना करना पड़ा। उसके साथ ही अपने पिता के साथ सफर कर रही है एक बच्ची भी अपने परिजनों से अलग होकर इस भीड़ में फंस गई। बच्ची जोर जोर से चिल्लाती रही लेकिन किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी। बड़ी मुश्किल से जदो जहद के बाद पिता ने भीड़ में से बच्ची को बाहर निकाला।

बड़ी संख्या में सिंधिया के समर्थकों के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर एकत्रित हो जाने के कारण वहां अफरा तफरी की स्थिति मच गई थी। सफर करने वाले यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। अचानक स्थिति ऐसी निर्मित हुई कि वहां मौजूद रेलवे सुरक्षा बल के तैनात जवान भी स्थिति को नहीं संभाल पा रहे थे। सांसद विवेक तन्खा ने रेलवे मंत्री से मांग करते हुए कहा कि रेलवे स्टेशन पर स्वागत के लिए भीड़ जमा करना सार्वजनिक उपद्रव जैसा प्रतीत होता है, इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
Author: Jai Lok






