
मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक
नई दिल्ली। मानूसन सत्र से एक दिन पहले सरकार ने आज रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। मीटिंग की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की। बैठक सुबह 11 बजे संसद भवन एनेक्सी में हुई। मीटिंग में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके सहित 10 से ज्यादा विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। हालांकि 15 मिनट बाद विपक्षी सांसद बाहर आ गए और बैठक का वॉकआउट किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने ञ्जरूष्ट के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने उनके गुट को अभी तक मान्यता नहीं दी है।

हालांकि, वॉकआउट सांकेतिक था। विपक्षी सांसद दोबारा मीटिंग में शामिल हुए। उधर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद के सुचारु संचालन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा- संसद सभी की है, हंगामे से किसी का फायदा नहीं। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी।

20 बागी सांसदों को किस आधार पर न्योता मिला-महुआ मोइत्रा
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, जेएमएम, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वामपंथी दलों और शिवसेना (यूबीटी) समेत पूरे विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक का वॉकआउट किया है। उन्होंने कहा कि टेबल ऑफिस की लिस्ट में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की सदस्य संख्या 28 दिखाई गई है, जबकि एनसीपीआई नाम की एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी के 20 बागी सांसदों के विलय को स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी है और उनकी अयोग्यता की याचिकाएं अभी लंबित हैं। महुआ ने सवाल उठाया कि 91वें संशोधन के बाद जब किसी अलग गुट की गुंजाइश ही नहीं है, तो संसदीय कार्य मंत्री ने इन 20 बागी सांसदों को किस आधार पर न्योता दिया?


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Author: Jai Lok






