
जबलपुर (जय लोक)। शहर की कानून-व्यवस्था इन दिनों पटरी से उतर गई है। बीते 10 दिनों में एक दर्जन से ज्यादा गंभीर आपराधिक वारदातें हो चुकी हैं कहीं हत्या तो कहीं चोरियों की वारदातें ऐसे स्थानों में हुई हैं जो स्थान अभी तक आपराधिक घटनाओं से अछूते रहे हंै। सडक़ों पर खुलेआम चेन स्नेचिंग और चाकूबाजी आम हो चुकी है, और अब लूट की घटनाएँ भी अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में होने लगी हैं। हालात यह हैं कि जहां हर समय सौ दो सौ से अधिक लोग मौजूद रहते हैं, वहां भी अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

अपराधों के आँकड़ा चौंकाने वाले
शहर में लगातार हत्या के मामले सामने आ रहे हैं। जिन इलाकों में कभी चोरी तक नहीं होती थी, वहां घरों और दुकानों के ताले अब टूटने लगे हैं। चाकूबाजी, चेन स्नैचिंग और मारपीट की घटनाएँ रोजमर्रा का हिस्सा बन चुकी हैं। कई ऐसी वारदातें दर्ज हुई हैं, जो खुलेआम भीड़भाड़ वाली जगहों पर हुईं जिससे स्पष्ट है कि अपराधियों को पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है।

लोगों में बढ़ती बेचैनी
व्यापारी, रहवासी और मंडी से जुड़े किसान लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि जब भीड़ वाली जगहों पर अपराधी वारदात कर सुरक्षित भाग जा रहे हैं, तो शहर के बाकी हिस्सों में कितनी सुरक्षा है? शहर के सामाजिक संगठनों ने भी कहा है कि पिछले एक दो हफ्ते की घटनाएँ बताती हैं कि जबलपुर पुलिस की स्थिति कमजोर हो चुकी है और गश्त तथा सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार की ज़रूरत है।

रात में बेखौफ घूमते हैं लफंगे
इन दिनों शादी विवाह का सीजन शुरु हो गया है, आम लोग विवाह समारोहों से देर रात लौटते हैं ऐसे में उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा नजर आ रहा है। पुलिस कहीं पर भी गश्त देती नजर नहीं आती और बदमाश लफंगे मोटर सायकिलों में फायरिंग की आवाज वाले सायलेंसरों से फट-फट का शोर मचाते हुए खुलेआम घूमते रहते हैं, उनकी रफ्तार इतनी तेज होती है कि अचानक कोई आ जाए तो गंभीर दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। तमाम हलातों के बाद जुआड़ी, सटोरिए और अवैध शराब के कारोबारी भी रात में सक्रिय रहते हैं।
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Author: Jai Lok







