
जबलपुर (जय लोक)।शहर में साइबर अपराधियों ने ठगी के तरीके लगातार बदल दिए हैं। अब सिर्फ ओटीपी या बैंक कॉल नहीं, बल्कि व्हाट्सएप पर साधारण हाय मैसेज, धमकी भरे चैट और फर्जी मोबाइल एप के जरिए लोगों के बैंक खातों पर हमला किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में शहर के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों में करीब 16 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी सामने आई है। इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मोबाइल पर आने वाला एक क्लिक भी भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

तीनों मामलों में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीके अपनाए। कहीं व्हाट्सएप मैसेज खोलते ही खाते से रकम निकल गई, कहीं लगातार धमका कर पीडि़ता से कई किश्तों में पैसे ट्रांसफर कराए गए, तो कहीं सोशल मीडिया पर दिखे विज्ञापन से डाउनलोड हुए एपीके मैलवेयर ने मोबाइल हैक कर बैंक खाते से रकम उड़ा दी। इसके साथ ही बधाई, ईनाम का लालच और कई तरह के भ्रामक मैसेज भेेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।

तीन तरीके, एक ही मकसद
रांझी निवासी और ओएफके अस्पताल खमरिया में पदस्थ वरिष्ठ नर्स मधुलिका सिंह चौहान के व्हाट्सएप पर 11 जुलाई की रात अज्ञात नंबर से हाय संदेश आया। मैसेज खोलने के कुछ ही समय बाद उनके एसबीआई खाते से तीन ट्रांजेक्शन के जरिए 70 हजार रुपये निकल गए। कोतवाली क्षेत्र की स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी सोनाली सेठिया को 13 से 16 जुलाई के बीच व्हाट्सएप पर लगातार धमकी भरे संदेश भेजे गए। भय के माहौल में उन्होंने अलग-अलग माध्यमों से करीब 15 लाख रुपये साइबर ठगों द्वारा भेजे गए स्कैनर पर ट्रांसफर कर दिए।


फर्जी एप को बनाया ठगी का तरीका
गढ़ा थाना क्षेत्र के शक्तिनगर निवासी विनायक महा इंस्टाग्राम पर रील देख रहे थे। इसी दौरान एक फर्जी टीवी एप का विज्ञापन सामने आया। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड हो गई। कुछ समय बाद क्यूआर कोड से भुगतान करते समय उन्हें खाते से रकम गायब होने का पता चला। जांच में सामने आया कि मोबाइल में इंस्टॉल हुए मैलवेयर के जरिए उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से 28 हजार रुपये अवैध रूप से ट्रांसफर कर लिए गए।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अज्ञात नंबरों से आए संदेश, संदिग्ध लिंक और एपीके फाइलों को बिल्कुल न खोलें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना देने के साथ साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
Author: Jai Lok





