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सिहोरा बैंक डकैती के दो डकैत गिरफ्तार, तीन किलो सोना बरामद, एक दर्जन से ज्यादा डकैती करने वाले आरोपी ने रची थी बैंक लूट की साजिश

बिहार से पकड़े गए दो आरोपी

जबलपुर (जयलोक)। शहर के खितौला में इसाफ बैंक में हुई करोड़ों के सोने के लूट के दो आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियाँ मिली हैं। इसके साथ ही आरोपियों से पुलिस ने तीन किलो लूटा हुआ सोना भी बरामद कर लिया है। आरोपियों ने बैंक से 15 किलो सोना और पाँच लाख रूपये से अधिक की रकम लूटी थी। लेकिन अब तक पुलिस को आधा सोना भी लुटेरों के पास से नहीं मिला है। वहीं इस मामले में खास बात यह है कि इस लूट का मास्टर माइंड पहले ही एक दर्जन लूट की वारदातों को अंजाम दे चुका है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अब पकड़े गए अन्य दो आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है ताकि उनके अन्य साथियों, उनकी मदद करने वालों और लूटा हुआ सोना तक पहुँचा जा सके।

शहर में हुई सबसे बड़ी लूट के बाद से ही पुलिस दूसरे प्रदेश में अन्य फरार आरोपियों की खोजबीन में जुटी हुई थी। बिहार पुलिस ने जबलपुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाही करते हुए दो आरोपियों राजेश दास उर्फ आकाश दास और गिरोह के एक सदस्य इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास को भी गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी राजेश इस लूट का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है जिसके पास से पुलिस ने तीन किलो सोना कीमत तीन करोड़ रूपये और पचास हजार रूपये नगद बरामद किए हैं।

मास्टर माइंड है राजेश

पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि राजेश इस लूट का मास्टर माइंड है। जिसका अपराधिक रिकार्ड काफी लंबा है। वहीं 2011 से लेकर 2025 तक बिहार, झारखंड, और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक दर्जन से अधिक डकैती और वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने जब इसके बारे में जानकारी जुटाना शुरू की तो एक के बाद एक कई मामले उजागर होते चले गए।

जेल से छूटकर फिर की लूट

खास बात यह है कि मुख्य आरोपी राजेश दास 18 जून को ही रायगढ़ जेल से छूटकर बाहर आया था और जेल से छूटते ही उसने फिर लूट की साजिश रची। वह लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए ऐसी जगह की तलाश कर रहा था जब उसे बहुत सारा सोना चांदी के साथ नगदी मिल सके । जेल से छूटने के डेढ़ माह बाद ही उसने खितौला के इसाफ बैंक में अपने साथियों के साथ लूट की।

रईस से पूछताछ में राजेश का मिला सुराग

इस मामले में पाटन निवासी रईस से पूछताछ में पुलिस को राजेश के बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद पुलिस की अलग अलग टीमें बिहार, झारंखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान भेजी गईं। जहां बिहार पुलिस की मदद से पहले इंद्रजीत का पकड़ा गया। जिससे पूछताछ के बाद पुलिस राजेश दास तक पहुँची। पुलिस को पता चला कि राजेश डोभी थाना अंतर्गत छुपा हुआ है। जिसके बाद उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में रोजश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि लूटा गया सोना और नगदी आपस में बांट लिए थे। उसके पास से तीन किलो सोना और पचास हजार रूपये बरामद किया गया है।

11 अगस्त को हुई थी लूट

सिहोरा क्षेत्र के खितौला में बैंक में बदमाशों ने 11 अगस्त को सुबह 9 बजे धावा बोला था। जिसमें लुटेरे 5 लाख रुपये और 14 किलो से ज्यादा सोना लेकर फरार हो गए थे। वारदात के बाद वे भागने में भी सफल रहे। तब से पुलिस लुटेरों के पीछे लगी हुई थी। आरोपी हथियारों से लैस होकर बैंक पहुँचे थे। जहां उन्होंने बैंक कर्मी पर कट्टा अड़ाकर करोड़ों की लूट की।

बैंक मैनेजर से सोना और नगदी बैग में भरवाया

लुटेरों ने देसी कट्टे दिखाकर बैंक कर्मचारियों को बंधक बना लिया, इसके बाद धमकी दी कि किसी ने भी आवाज की या पुलिस को बुलाने की कोशिश की तो गोली चला देंगे। इसके बाद उन्होंने मैनेजर को कब्जे में लेकर बैंक में रखे 14 किलो सोने को एक बैग में भरने के लिए कहा और 5 लाख रुपया नगद भी इन लुटेरों ने बैंक से लूटा। लूट के बाद लुटेरे मोटरसाइकिल से फरार हो गए, लूट की घटना के बैंक मैनेजर ने सायरन बजाया, 15 मिनट तक सायरन बजता रहा।

जबलपुर के पड़ोसी जिलों में अलर्ट

सायरन की आवाज बैंक से गए कॉल के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई, पुलिस ने बैंक का एक-एक कोना बारीकी से जांचा, सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय पूरी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और पूरी जाँच को अपनी देखरेख में करवाया। आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस जबलपुर, मंडला, कटनी और नरसिंहपुर के अलावा बिहार और झारखंड में भी पहुँची।

पुलिस टीम को पुरस्कार

इस पूरे अभियान का नेतृत्व एएसपी क्राइम जितेंद्र सिंह, डीएसपी क्राइम उदयभान सिंह बागरी, सीएसपी बरगी अंजुल मिश्रा और सीएसपी रांझी सतीश साहू ने किया। आईजी प्रमोद वर्मा ने इस बड़े खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूरी टीम को 30,000 रुपए का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश अभी भी जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

 

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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