
जबलपुर (जयलोक)। वर्तमान में शहर की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय लगातार अधीनस्थ अधिकारी के साथ बैठक भी कर रहे हैं और किस थाना क्षेत्र के अंतर्गत मैदानी स्तर पर क्या चल रहा है इस बात की पूरी जानकारी भी स्वयं रख रहे हैं। संबंधित थाना क्षेत्र में अपराध रोकने का पूरा दायित्व सर्वप्रथम थाना प्रभारी के ऊपर आता है। पुलिस अधीक्षक तक हर बात की जानकारी पहुँच रही है। कि किसी थाना क्षेत्र में जुआ सट्टा फल फूल रहा है एवं किस थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों में जाँच के प्रति लापरवाही हो रही है तो फिर इन जानकारियों के आधार पर अपराध समीक्षा बैठक में सम्बंधित थाना प्रभरियों की क्लास लगाई जा रही है।

पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय द्वारा पुलिस कन्ट्रोल रूम में अपराध समीक्षा बैठक ली गयी। जिसमें सिविल लाइन थाना प्रभारी अनूप कुमार नामदेव की क्लास लगाई। इसके अलावा दो और थाना प्रभारियों की कायज़्प्रणाली को लेकर नाराजगी व्यक्त की है।

उन्होंने थाना प्रभारी की कायज़्प्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर की और स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधों की रोकथाम करना पुलिस की पहली प्राथमिकता है लेकिन सिविल लाइन थाने में कारज़्वाही में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। दो से तीन माह में कायज़् अच्छा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपना कायाकलाप सुधारें अन्यथ अगली क्राइम मीटिंग में आप शायद ना रह पाएं। बैठक में समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी तथा चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक में एसपी ने त्रिवाषिज़्क तुलनात्मक प्रतिबंधात्मक एवं माईनर एक्ट की विस्तार से समीक्षा की गयी। उन्होंने थानावार लंबित गम्भीर अपराध हत्या एवं हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी एवं एस.सी.एस.टी. एक्ट, तथा महिला सम्बंधी अपराधों की विस्तार से समीक्षा की गयी एवं लंबित अपराधों कें निराकरण के सम्बंध में निदेज़्श दिये। बैठक में बरेला थाने में चल रहे जुआ सट्टा को बंद कराने की चेतावनी देते हुए खमरिया टीआई राजकुमार खटीक और घमापुर थाना प्रभारी इंद्रा ठाकुर के काम पर भी नाराजगी जाहिर की।

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Author: Jai Lok







