
मोदी इजराइल के होलोकॉस्ट मेमोरियल पहुँचे
राष्ट्रपति-पीएम से मिलेंगे, डिफेंस डील संभव
तेल अवीव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे का आज दूसरा दिन है। वे आज गुरुवार सुबह यरूशलम के होलोकॉस्ट मेमोरियल ‘याद वाशेम’ पहुंचे। यहां उन्होंने हिटलर के नाजी शासन में मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे, जहां द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा होगी। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच बड़ी डिफेंस डील हो सकती है।
दोपहर से पहले प्रधानमंत्री मोदी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। इस बैठक में रक्षा सहयोग, मिसाइल डिफेंस सिस्टम, साइबर सुरक्षा और एडवांस टेक्नीक के सेक्टर में साझेदारी पर फोकस रहने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के इजराइल दौरे पर पहुंचे थे। नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने एयरपोर्ट पर मोदी को रिसीव किया था। इसके बाद पीएम मोदी ने इजराइली संसद नेसेट को भी संबोधित किया। उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ दिया गया। मोदी नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।
हिटलर के शासन में मारे गए यहूदियों की याद में बना ‘यद वाशेम’ स्मारक
याद वाशेम होलोकॉस्ट के दौरान मारे गए लाखों यहूदियों की याद में बनाया गया है। यह स्मारक इजराइल की राजधानी यरुशलम में स्थित है और हर साल दुनिया भर से लोग यहां आकर इतिहास को समझते हैं और श्रद्धांजलि देते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर ने लगभग 60 लाख यहूदियों की हत्या कर दी थी। इस नरसंहार को होलोकॉस्ट कहा जाता है। इजराइल की संसद नेसेट ने साल 1953 में फैसला किया कि होलोकॉस्ट में मारे गए लोगों की याद में एक खास स्मारक बनाया जाए। बाद में 2005 में यहां एक आधुनिक संग्रहालय खोला गया, ताकि आने वाली पीढियां इस त्रासदी को समझ सकें। याद वाशेम परिसर में होलोकॉस्ट संग्रहालय, हॉल ऑफ नेम्स, बच्चों का स्मारक और राइटियस अमंग द नेशंस गार्डन जैसी जगहें मौजूद हैं।

मोदी ने होलोकॉस्ट मेमोरियल का दौरा किया
प्रधानमंत्री मोदी ने यरुशलम स्थित होलोकॉस्ट के स्मारक ‘याद वाशेम’ में मारे गए यहूदियों को श्रद्धांजलि दी।
याद वाशेम होलोकॉस्ट के दौरान मारे गए लाखों यहूदियों की याद में बनाया गया है। यह स्मारक इजराइल की राजधानी यरुशलम में स्थित है और हर साल दुनिया भर से लोग यहां आकर इतिहास को समझते हैं और श्रद्धांजलि देते हैं।

किन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है
बैठक के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि तकनीक और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। व्यापार और इन्वेस्टमेंट को आगे बढ़ाने पर चर्चा भी होगी।
वार्ता के बाद कुछ अहम समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर और संयुक्त बयान जारी किया जा सकता है। रक्षा और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में नए करार भारत की आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया पहल को मजबूती दे सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी अपने कार्यक्रम के दौरान इजराइल में बसे भारतीय मूल के यहूदी समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात को सांस्कृतिक रिश्तों और लोगों के बीच जुडाव मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। दिनभर के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री भारत के लिए रवाना हो जाएंगे।
Author: Jai Lok







