
जबलपुर (जय लोक)। महानगर की गिनती में शामिल जबलपुर बिजली व्यवस्था की अराजकता के कारण देहात से बतर स्थिति में नजर आ रहा है। एक ठेकेदार के द्वारा अपने कार्य को पूर्ण करने के लिए बिना किसी पूर्व सूचना अनुमति के सुबह 7 से मनमर्जी से बिजली बंद करवा दी गई। बड़ी विडंबना और शर्म की बात है कि क्षेत्र के (जेई)जूनियर इंजीनियर (डीई ) डिविजनल इंजीनियर सहित किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं थी आखिर 5 घण्टों से बिजली क्यों बंद की गई है।

हजारों लोगों हुए परेशान
ठेकेदार की लापरवाही, मनमर्जी और बिजली विभाग की लापरवाही के कारण महात्मा गांधी वार्ड, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद वार्ड के हजारों लोग बिना बिजली के बहुत परेशान होते नजर आए। छोटे बच्चों के स्कूल जाने की परेशानी, नौकरी पर जाने वाले लोग, गृहणियां, बुजुर्ग सब बहुत परेशान होकर बिजली व्यवस्था को कोसते नजर आए।

व्यापारियों को भारी नुकसान कोई जवाब देही तय नहीं
इस अघोषित बिजली कटौती से क्षेत्र के व्यापारियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बिजली अधिकारियों की मनमानी और ठेकेदार का राज इस कदर है कि अति आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत आने वाले अखबार के कार्यालय तक में इस कटौती की कोई पूर्व सूचना नहीं थी।
क्षेत्र के व्यापारियों में इस पूरे मामले को लेकर काफी आक्रोश है क्योंकि उनका कहना है कि चाहे जब बिना किसी पूर्व सूचना के इसी प्रकार अघोषित रूप से लाइट गोल हो जाती है। जिसके कारण उनके व्यापार पर सीधा असर पड़ता है और उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।


पानी के लिए तरसे लोग सूखी पड़ी रहीं टंकियां
बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी से अघोषित बिजली कटौती के कारण सुबह 7 बजे से बिना सूचना के बिजली बंद किए जाने के कारण कई घरों में पानी की कमी नजर आई। बिजली न होने के कारण पानी की टंकियां नहीं भर पाई जिसके कारण लोगों को बहुत परेशानी उठानी पड़ी।
जनप्रतिनिधियों की कोई सुनवाई नहीं
बड़ी विडंबना की बात है कि बिजली विभाग के अधिकारी आम जनता की परेशानी से कोई ताल्लुक नहीं रख रहे हैं और यहां तक की क्षेत्र के जनप्रतिनिधि बिजली विभाग के ठेकेदारों की इस मनमानी के आगे बेबस नजर आ रहे हैं किसी की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इन्ही सब कारणों से लगातार बिगड़़ती बिजली व्यवस्था के खिलाफ आम लोगों में सरकार और व्यवस्था के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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Author: Jai Lok






