
जबलपुर (जयलोक)। बकाया बिजली बिलों का भुगतान ना करने वाले उपभोक्ताओं पर अब बिजली विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। कई बार नोटिस और छूट देने के बाद भी जब उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया तो बिजली विभाग अब ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट रहा है। जिसके लिए शहर भर में 30 टीमों को तैनात किया गया है। टीमों द्वारा दो दिनों में 5 सौ से अधिक बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं। बिजली विभाग ने यह कार्रवाही करते हुए बिलों का भुगतान ना करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब उनके घरों का

बिजली कनेक्शन काटा जाएगा-
यह कार्रवाही उन बिजली उपभोक्ताओं के खिलाफ की जा रही है जिन्होंने 6 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया। इस दौरान समाधान योजना के तहत ब्याज और अधिभार में राहत देने के बावजूद भी इन उपभोक्ताओं ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया। जिसके बाद शहर भर में इनके खिलाफ बिजली काटने का अभियान शुरू कर दिया गया है। पिछले दो दिनों की बात की जाए तो तैनात की गई टीम ने 5 सौ से अधिक बिजली कनेक्शन काटे हैं। जिन पर करीब 90 लाख रूपये का बिजली बिल बकाया है।
बिजली कंपनी के अनुसार शहर में कुल 3 लाख 95 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 89 हजार उपभोक्ताओं पर 22 करोड़ रूपये का बिजली बिल बकाया है। बकाया बिजली बिल वसूलने के लिए 15 मई तक अभियान चलाया गया जिसमें 11 करोड़ रूपये की वसूली हुई। लेकिन इस अभियान में 35 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने बिलों का भुगतान नहीं किया। इन उपभोक्ताओं के ही बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं।

30 टीमों की सक्रियता ने काटे जा रहे कनेक्शन
शहर के पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और विजय नगर डिवीजन में 30 टीमें इस अभियान के तहत कार्रवाही कर रही हैं। जिसमें स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन ऑनलाइन बंद किए जा रहे हैं। जबकि पुराने मीटर वाले घरों में टीमें पहुँचकर कनेक्शन काट रही हैं। सोमवार को 350 और मंगलवार को 150 से अधिक बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं। जिसमें बताया जा रहा है कि केवल पश्चिम डिवीजन में ही 8 हजार उपभोक्ताओं पर चार करोड़ रूपये बिजल बकाया है।


इनका कहना है…
ऐसे उपभोक्ता जिन्हें सुविधा और पर्याप्त अवसर देने के बाद भी बिलों का भुगतान नहीं किया उनके खिलाफ बिजल कनेक्शन काटने की कार्रवाही की जा रही है। 35 हजार उपभोक्ताओं पर 11 करोड़ रूपये का बिल बकाया है। दो दिनों में 5 सौ कनेक्शन काटे जा चुके हैं।
संजय अरोरा,
अधीक्षण यंत्री
Author: Jai Lok






