
स्थानीय स्तर पर जीआरपी लगी थी मामला दबाने में
जबलपुर (जयलोक) । किसी भी खबर के पीछे इस को प्रकाशित करने का आशय यही होता है कि वह खबर सही स्थान पर, सही लोगों तक, सही समय पर पहुँचे और उस पर सही दिशा में कार्यवाही हो। कल दैनिक जय लोक में प्रमुखता के साथ यह खबर प्रकाशित हुई थी कि एक व्यक्ति इटारसी स्टेशन से जबलपुर स्टेशन तक ट्रेन के नीचे छिपकर सफर करता हुआ आ गया। स्थानीय स्तर पर जब जीआरपी के अधिकारियों से दैनिक जय लोक संवाददाता ने पूरे मामले पर जानकारी चाहिए तो उन्होंने मामले को दबाने का प्रयास करते हुए ऐसे किसी भी मामले की जानकारी होने से इनकार कर दिया। जब उन्हें यह बताया गया कि इस घटनाक्रम के फोटो ग्राफ उपलब्ध हैं तो उन्होंने बात को घुमाते फिराते हुए उटपटांग जवाब दिया और घटना की पुष्टि नहीं की।
दैनिक जय लोक ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया और इससे संबंधित बिंदुओं को उजागर किया साथ ही सोशल मीडिया पर उपलब्ध हुए फोटोग्राफ भी प्रकाशित कर खबर की सच्चाई सबके सामने उजागर की। खबर प्रकाशित होने के बाद यह जय लोक के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी जमकर वायरल हुई। तकरीबन 2 घंटे बाद ही मिनिस्ट्री आफ रेलवे भारत सरकार के ऑफिसियल पेज से इस खबर पर संज्ञान लेते हुए दैनिक जय लोक को यह जानकारी दी गई की इस मामले में आवश्यक कार्यवाही के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है।
यह जय लोक के तेजी से विस्तारित हो रहे सोशल मीडिया प्लेटफॉमर्स की प्रगति का असर है। जिसके माध्यम से पाठकों की आवाज को उचित स्थान तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। यह क्रम निरंतर जारी रहेगा। वर्तमान स्थिति में जय लोक विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रोजाना चार से पांच लाख पाठकों तक विश्वसनीय खबरों को पहुंचने का कार्य निर्भीकता के साथ कर रहा है।

यह था पूरा मामला…
बुधवार को पुणे-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में इटारसी से एक युवक टे्रन के नीचे सफर करते हुए जबलपुर पहुँचा। 250 किमी की यात्रा उसने अपने जोखिम भरे निर्णय से की। आउटर पर जब रेलकर्मी रोलिंग परीक्षण कर रहे थे तो युवक टे्रन के पहियों के पास मिला। युवक ने बताया कि उसके पास टिकिट खरीदने के लिए पैसे नहीं थे इसलिए उसने यह जोखिम भरा सफर किया। इस मामले में आरपीएफ और रेल अधिकारी युवक से पूछताछ में जुटे हुए हैं।

Author: Jai Lok







