
जबलपुर (जयलोक)। यदि आप 20 लाख से अधिक का यूपीआई लेनदेन कर रहे हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप जीएसटी और इनकम टैक्स के नियमों का पालन कर रहे हैं। यदि आपका एक व्यवसाय है तो आपको जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा और अपने लेनदेन को अपने इनकम टैक्स रिटर्न में सही ढंग से दर्शाना होगा। जबलपुर चेंबर के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने सभी व्यापारियों को आगाह किया है यदि आप 20 लाख से ऊपर के यूपीआई लेनदेन कर रहे हैं, तो आपको अपने वित्तीय सलाहकार या चार्टर्ड एकाउंटेंट से सलाह लेनी चाहिए ताकि आप यह सुनिश्चित कर सकें कि आप सभी लागू नियमों का पालन कर रहे हैं।श्री दुबे ने बताया कि 20 लाख से ऊपर के यूपीआई भुगतान लेने पर संकट आ सकता है, खासकर यदि आप एक व्यवसाय हैं और आपका सालाना कारोबार 20 लाख रुपये से अधिक है। इसके पीछे मुख्य कारण जीएसटी और इनकम टैक्स से संबंधित नियम हैं।

जीएसटी का मामला
यदि आप एक व्यवसायी हैं और आपकी सालाना कमाई 20 लाख रुपये से अधिक है, तो आपको जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा और जीएसटी का भुगतान करना होगा। यदि आप जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं और 20 लाख से ऊपर का यूपीआई लेनदेन करते हैं, तो आपको जुर्माना और कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।

इनकम टैक्स का मामला
यदि आप 20 लाख से अधिक का यूपीआई भुगतान प्राप्त करते हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि यह लेनदेन आपके इनकम टैक्स रिटर्न में सही ढंग से दर्शाया गया है। यदि आप इसे छुपाते हैं, तो आपको इनकम टैक्स विभाग द्वारा नोटिस मिल सकता है और जुर्माना लग सकता है।

Author: Jai Lok







