Download Our App

Home » जीवन शैली » रुद्राक्ष के दर्शन मात्र से पाप नष्ट हो जाते हैं : डॉ. स्वामी इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज

रुद्राक्ष के दर्शन मात्र से पाप नष्ट हो जाते हैं : डॉ. स्वामी इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज

रायपुर (जयलोक)। जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम बोरिया कला रायपुर में चल रहे चातुर्मास प्रवचन माला के क्रम को गति देते हुए शिव पुराण की दिव्य अमृतमयी  कथा का व्याख्यान करते हुए शंकराचार्य आश्रम के प्रभारी डॉ.इन्दुभवानन्द  महाराज ने बताया कि रुद्राक्ष के दर्शन करने मात्र से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। भगवान शंकर के नेत्र से रुद्राक्ष की उत्पत्ति मानी जाती है।

पूर्व काल की बात है कि एक बार भगवान शिव दिव्य हजारों वर्ष तक तपस्या में संलग्न थे, तपस्या करते हुए उनके मन में क्षोभ उत्पन्न हुआ और क्षोभ के कारण उनकी  दोंनोंआंखों से आंसू निकले उन  आंसूओं से रुद्राक्ष की उत्पत्ति मानी जाती है,अत: रुद्राक्ष भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। जो व्यक्ति रुद्राक्ष धारण करता है भगवान शिव पर उस पर अत्यंत प्रसन्न हो जाते हैं। भोग और मोक्ष को चाहने वाले, पार्वती व शिव की प्रसन्नता को प्राप्त करने वाले लोगों को अवश्य ही रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। जो रुद्राक्ष आंवले के आकार का होता है,उसे सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।

गुञ्जाफल के समान रुद्राक्ष उत्तम माना जाता है वैसे रुद्राक्ष एक मुखी से लेकर 14 मुखी तक होते हैं। भगवान शिव पार्वती को उपदेश देते हुए कह रहे हैं जिसके गले में रुद्राक्ष की माला होती है, उस माला का दर्शन करके पांचों देव विष्णु, देवी दुर्गा, गणेश और सूर्य तथा मैं स्वयं प्रसन्न हो जाता हूं।

प्रत्येक प्राणी को रुद्राक्ष की विधिवत पूर्ण पूजन व अभिमंत्रित करके ही रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। रुद्राक्ष की माला जिसके गले में रहती है उसको भूत-प्रेत पिशाच डाकिनी शाकिनी तथा अन्य द्रोह करने  उसके पास नहीं आते और , अभिचारादि(जादू-टोना) का प्रयोग भी रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति पर प्रभावित नहीं करता है,अत: सभी वर्णों के लोगों को रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए वैज्ञानिक दृष्टि से भी रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को अनेकानेक लाभ प्राप्त होते हैं जो रुद्राक्ष धारण करता है उसको रक्त विकार होने की कम संभावना होती है तथा बीपी आदि रोगों से मुक्ति भी प्राप्त होती है।

कथा के पूर्व श्री जगतगुरु शंकराचार्य आश्रम के वैदिक विद्वानों ने तथा जगद्गुरुकुलम् के बटुकों ने  मंगलाचरणपूर्वक आरती संपन्न कराई तत्पश्चात स्वामी जी महाराज ने उपस्थित जनसमुदाय को शिव पुराण की दिव्य अमृतमयी  कथा सुनाई।

तुलसी के जीवन प्रसंगों में रामभक्ति की दिव्यता उभरकर सामने आई : शंकराचार्य सदानंद जी

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » जीवन शैली » रुद्राक्ष के दर्शन मात्र से पाप नष्ट हो जाते हैं : डॉ. स्वामी इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज