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विभाजन विभीषिका की याद में भाजपा 14 अगस्त को निकालेगी मौन जुलूस, आयोजन को रुकवाने में कांग्रेस हुई नाकाम

जबलपुर (जयलोक)। भारत को विभाजित करके बनाए गए पाकिस्तान का जिस तरह से निर्माण हुआ और इस विभाजन की त्रासदी में हजारों लोगों को अपने प्राणों की आहुति भी देना पड़ी। बंटवारे के इस दर्द को याद करने का भारतीय जनता पार्टी ने निर्णय लिया है। इस निर्णय के अनुरूप 14 अगस्त को भाजपा द्वारा इस दिन को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा। पार्टी द्वारा देश के विभाजन स्मृति में हर जिले और शहर में सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। पार्टी के नेता उन परिवारों के लोगों से भी मिलने उनके घर जाएंगे जिन्होंने विभाजन की त्रासदी को झेला है।

कांग्रेस को लेना पड़ी याचिका वापस

भारतीय जनता पार्टी के विभाजन विभीषिका दिवस के आयोजन के विरोध में नगर कांग्रेस के अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका  दायर की थी। इस याचिका पर बहस होने के बाद कांग्रेस की ओर से खुद ही याचिका वापस लेने की मांग की गई जिसे हाईकोर्ट कोर्ट ने स्वीकार करते हुए याचिका को निरस्त कर दिया। याचिका में कहा गया कि भारत का निमाज़्ण देश के लोगों द्वारा सभी व्यक्तियों के बीच बंधुत्व को बढ़ावा देने के लिए किया गया है ताकि व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित हो सके। हर वर्ष 15 अगस्त स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस तरह का आयोजन रोकने के लिए नगर कांग्रेस के अध्यक्ष ने शहडोल की भाजपा अध्यक्ष अमित चपरा की फेसबुक की एक पोस्ट को मुद्दा बनाया था इसमें कहा गया कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर हर घर तिरंगा-तिरंगा यात्रा एवं विभाजन विभीषिका का दिवस आयोजित करने जिला स्तरीय समिति गठित की गई है। याचिका में दलील दी गई थी यह पोस्ट संविधान और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 196 के विपरीत है। याचिकाकर्ताओं ने इस संबंध में कलेक्टर जबलपुर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी भेजा है जिस पर कोई कार्यवाही नहीं होने पर उच्च न्यायालय में यह याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि अमित चपरा की उक्त पोस्ट विभिन्न धर्मो, नस्लों,जातियों और समुदायों के बीच  वैमनस्यता और शत्रुता, घृणा की भावना पैदा कर सकती है इसलिए यह न केवल संविधान के विपरीत है बल्कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 196 में निहित प्रावधानों के विरुद्ध है लेकिन इस याचिका को कांग्रेस ने बहस के बाद खुद ही वापस ले लिया।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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