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बच्चों की पिटाई वाला वीडियो जबलपुर का नहीं, फेक न्यूज के शिकार हुए जीतू पटवारी

प्रशासन ने किया खंडन

जबलपुर (जयलोक)
अपना पैसा खोटा तो परखने वाले का क्या दोष, आज ये कहावत  कांग्रेस पार्टी पर सही बैठ रही है। वैसे ही  कांग्रेस  पार्टी के बुरे दिन चल रहे हैं ऐसे में कांग्रेस  के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार को घेरने में इतनी जल्दबाजी कर दी कि आज उनकी ये जल्दबाजी उन पर ही भारी पड़ रही है। दरअसल एक पुराने वीडियो को जिसका जबलपुर से कोई नाता नहीं हैं उसे पोस्ट कर प्रदेश सरकार को घेरने का प्रयास किया। लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो जीतू पटवारी सहित  कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के तीतर उड़ गए। जाँच में पता चला कि जीतू पटवारी ने जिस वीडियो को जबलपुर का बताकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था वह वीडियो जबलपुर का है ही नहीं, बल्कि ये वीडियो पुराना है और किसी अन्य क्षेत्र का है। इस बात की पुष्टि जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना और एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने भी की है।
कांग्रेस  प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज सोमवार सुबह अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में एक युवक डंडे से पांच बच्चों की पिटाई कर रहा है। इस वीडियो में सभी बच्चों के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए हैं। वीडियो पोस्ट करने के कुछ देर बाद उन्होंने इस वीडियो को डिलीट कर दिया और दोबारा पोस्ट किया। इस पर जबलपुर एसपी का कहना है कि बच्चों के साथ मारपीट का वीडियो मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के द्वारा उनके ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया गया है जिसका घटना स्थल जबलपुर जिले का होना नहीं पाया गया है।
पीएम मोदी को भी किया टैग
बता दें कि जीतू पटवारी ने ये पोस्ट सुबह 8 बजे की और सवा नौ बजे डिलीट कर दी। फिर एक मिनट बाद इसी वीडियो को दोबारा शेयर किया। वहीं दूसरी पोस्ट में वीडियो जबलपुर का होने का दावा नहीं किया। 58 सेकेंड के इस वीडियो में पांचों बच्चे एक रस्सी से बंधे हैं। बच्चे चीख-चीखकर रो रहे हैं, साथ ही युवक से छोड़ देने की गुहार लगा रहे हैं। आसपास काफी भीड़ भी इक_ी है, जो बच्चों को छोड़ देने की बात युवक से कह रही है।
कलेक्टर, एसपी ने भी कहा जबलपुर का नहीं है वीडियो
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा एक्स पर पोस्ट किया गया बच्चों की पिटाई वाला कथित वीडियो जबलपुर जिले का नहीं है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि कथित वीडियो का जबलपुर जिले से कोई सबन्ध नहीं है। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि कथित वीडियो की जाँच की गई है और यह जबलपुर जिले का नहीं है।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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