
समय की हवा के साथ बिना ठोस परिणाम के उड़ जाता है धुआँ, लेकिन इस बार जागी कार्रवाही की उम्मीद
निगमायुक्त ने जाँच के लिए गठित किए पाँच दल
जबलपुर (जयलोक)। शहर में हाल ही में दो अग्नि दुर्घटनाएं हुई। दोनों व्यवसायिक क्षेत्र में हुई। फिर वही दशकों पुराने सवाल उठे। तंग गलियों में बड़े-बड़े कारखाने बड़े-बड़े गोदाम बिना फायर एनओसी, बिना सुरक्षा के मापदंडों के संचालित हो रहे हैं। ऐसे कारखाने और गोदाम न केवल स्वयं की सुरक्षा को संकट में डालते हैं बल्कि आसपास रहने वाले सैकड़ों लोगों के जीवन के लिए भी खतरा उत्पन्न करते हैं। पिछले कई सालों में ऐसे कई अग्निकांड हुए हैं जो रहवासी क्षेत्रों में संचालित हो रहे गोदाम और कारखानों, तेल के भंडारण, पटाखा संग्रहण के गोदाम में घटित हुए हैं। हर बार जब यह आग लगती है तो जाँच का धुआं निकलता है। लेकिन समय की हवा के साथ जाँच का यह धुआं हवा में उड़ जाता है। पिछले दो दशक में हुए बड़े अग्निकांड पर ही नजर डालें तो उसके बाद नजीर के तौर पर कागजों पर तो आदेश जारी हुए, सर्वे हुए, ऐसे स्थान चिन्हित हुए लेकिन कार्यवाही कुछ नहीं हुई। आज भी शहर में वही हालत हंै तंग गलियों में हर हिस्से पर कारखाने गोदाम और ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण खुलेआम किया जा रहा है।

मजबूत है हमारा अग्निशमन दल
हिंदुस्तान के कई शहरों में जहां आज भी आग से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम नहीं है। जय लोक ने आस पास के जिलों में भी सर्वे किया। लेकिन जबलपुर का हमारा अग्नि शमन दल बेहतर स्थिति में नजर आया। जबलपुर नगर निगम का अग्निशमन दल और उनके बहादुर जवान हर समय अपनी जान जोखिम में डालकर शहर में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं पर काबू पाने में सक्षम साबित हुए हैं। नगर निगम का अग्निशमन दल अन्य जिलों की अपेक्षा अधिक साधन संपन्न है। हालांकि इसके अपग्रेड होने की और आवश्यकता प्रतीत होती है क्योंकि शहर बढ़ रहा है यहां पर बड़ी-बड़ी इमारतें बन रही हैं। विगत दिवस हुए दो अग्निकांड ऐसे स्थान पर हुए जहां पर सटे हुए मकान बने हुए थे और यहां पर नागरिक भी रहते हैं। आग लगने की सूचना से लेकर आग बुझाने तक का अंतराल बहुत महत्वपूर्ण होता है। दोनों ही दुर्घटनाओं में नगर निगम अग्निशमन दल ने समय रहते आग पर काबू पाया और कोई भी जनहानि नहीं होने दी, आग को फैलने नहीं दिया। उनके प्रशिक्षण का हिस्सा है जो बेहतर परिणाम सामने लाता है।

जाँच और कार्यवाही की माँग
जबलपुर शहर में अनेक घटनाएं आगजनी की हो रही है। जहां पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं जा सकती। पूर्व पार्षद मुकेश राठौर ने प्रशासन से मांग की है कि यह सभी के लिए चिंता का विषय है। यह जो दुर्घटनाएं हुई है अगर यह विकराल रूप लेती तो आजू-बाजू घर बस्ती में भी आग लग सकती थी। ऐसे अधिकांश कारखानों के पास फायर सिस्टम की व्यवस्था नहीं है।
कई रहिवासी क्षेत्र में भी बड़े-बड़े कारखाने चल रहे हैं। बड़े-बड़े फ्लैट बड़ी-बड़ी कॉलोनी में बिना अनुमति के भंडारण घर बनाए गए हैं बड़े-बड़े गोदाम बना लिए गए हैं। इनकी जाँच होनी चाहिए।
जनता को होना पड़ेगा जागरूक करनी होगी शिकायतें
अब इस प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए और अपने परिवार और घरों की सुरक्षा के लिए आसपास चल रहे खतरनाक कार्यों को रोकने के लिए आम नागरिकों को ही जागरूक होकर प्रशासन को ऐसे गोदाम कारखानों और भंडारण की सूचना आगे होकर देनी पड़ेगी।

तीन मंजिला गोदाम सील, तीन बड़े व्यावसायिक शो-रूम के व्यापारिक लायसेंस निरस्त
शहर में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य की अग्नि दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नगर निगम ने गुरुवार को एक बड़ी पहल की शुरुआत की। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देश पर गठित 5 जांच दलों ने शहर के प्रमुख भीड़भाड़ वाले और व्यापारिक क्षेत्रों में बहुमंजिला इमारतों तथा प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। इस विशेष जाँच अभियान के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद निगमायुक्त ने तत्काल कठोर कार्रवाई के आदेश दिए। प्रारंभिक कार्रवाई में सुहागी क्षेत्र में एक तीन मंजिला गोदाम और उसके प्रतिष्ठान को सील किया गया है, जबकि बड़ा फुहारा स्थित तीन बड़े व्यावसायिक शो-रूम के व्यापारिक लायसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निगम द्वारा गठित जाँच दल के सदस्यों ने बड़ा फुहारा, गौरीघाट, करमेता, सुहागी और राईट टाउन स्टेडियम के बाजार क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान विशेष रूप से फायर सेफ्टी की व्यवस्थाओं, प्रतिष्ठानों के संचालन के प्रयोजन और बिजली की सुरक्षा मानकों की जाँच की गई। इसी तरह, सुहागी क्षेत्र में स्थित मॉं शारदा टेंट हाउस के 3 मंजिला गोदाम पर भी बड़ी कार्रवाई की गई। इस गोदाम में भी फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं थे और बिजली की लाइनें खुली मिलीं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ था। इस गंभीर लापरवाही के चलते टेंट हाउस के 3 मंजिला गोदाम को तत्काल सील कर दिया गया। कार्रवाई एवं निरीक्षण के समय भवन अधिकारी नवीन लोनारे, अतिक्रमण अधिकारी मनीष तड़से, फायर अधीक्षक कुसाग्र ठाकुर के साथ संभागीय भवन अधिकारी शैलेन्द्र कौरव, जागेन्द्र सिंह, आलोक शुक्ला, अनुपम शुक्ला, बाजार अधीक्षक राजेन्द्र दुबे के साथ सभी संबंधित संभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
Author: Jai Lok







