
जबलपुर (जयलोक)। विजय नगर में रहने वाले जिस परिवार ने जिस डॉक्टर पर भरोसा करके उसे अपने घर में रहने के लिए जगह दी, उसी डॉक्टर ने इलाज के नाम पर परिवार को दस लाख रूपये का चूना लगा दिया। विजयनगर थाने में श्रीमति गीता बेन निवासी 90 क्वाटर विजयनगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी सास जिन्हें वर्ष 2022 में पैरालाईसिस हुआ था उस संबंध में अमित कुशवाहा से मुलाकात हुई थी जो उसकी सास का इलाज कर रहे थे।

अमित कुशवाहा का उसके घर आना जाना रहता था इसके बाद उसके घर पर बतोर किरायेदार रहते थे। उसके पति भी बीमार हो गये थे जिनका 14 दिसंबर 22 को स्वर्गवास हो गया। पति का इलाज भी अमित कुशवाहा द्वारा किया गया था जो कि नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे थे। जिसके लिये अमित कुशवाहा द्वारा समय समय पर उससे धन राशि ली जाती रही, उसी दौरान उसकी जमीन बिकी हुयी थी जिसका पैसा बैंक में रखा था, अमित कुशवाहा को उसके बैंक खातों की पूर्ण जानकारी थी।

पति का इलाज अमित कुशवाहा के द्वारा भोपाल साई हास्पिटल में कराया गया था जिसका पैसा उसने अमित कुशवाहा को दिया था। पति का निधन होने के बाद अमित कुशवाहा ने कहा कि इलाज के हास्पिटल के 30 हजार रूपये का बिल और देना है। उसने कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं तो अमित कुशवाहा ने कहा कि ब्लैंक चैक साईन करके दे दो बिल मैं भर दूंगा। इसके बाद उसे पैसों की आवश्यकता हुयी उसने नम्बर 2025 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से स्टेटमेंट निकलवाया तो पता चला कि अमित कुशवाहा द्वारा शैलेन्द्र सिंह नामक व्यक्ति के बैंक खाते में उसके उसी चैक के माध्यम से 10 लाख रूपये डाल दिये गये।





