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करोड़ों के राजस्व से जुड़े विवादस्पद मामलों को सुलझाने निगमायुक्त ने खोला मोर्चा,निगम को आत्मस्वालंबी बनाने महापौर की मंशा पर काम शुरू,

 ट्रांसपोर्ट नगर में भी होगी धमाकेदार कार्यवाही

जबलपुर (जयलोक)। पिछले तीन- चार दशकों से नगर निगम के इतिहास में सर्वाधिक उलझे हुए निगम के खजाने को बढ़ाने वाले लेकिन विवादास्पद बनकर बैठे बड़े मामलों को सुलझाने के लिए आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने निगम को आत्मस्वालंबी बनाने महापौर श्री अन्नू की मंशा पर नई पहल शुरू की है। विगत 15 सालों से अधारताल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रिछाई का इंडस्ट्रियल एरिया और यहाँ स्थापित इकाइयाँ नगर निगम को किसी भी प्रकार के कर का भुगतान नहीं कर रही थीं। इस विरोधाभास को दूर करने के लिए आयुक्त अहिरवार ने अपनी ओर से पहल करते हुए रिछाई क्षेत्र में कार्य कर रहे उद्योगपतियों को बैठक और चर्चा के लिए आमंत्रित किया। कुछ माह तक यह चर्चा और निष्कर्ष निकालने का सिलसिला चला, अंतत: सफलता नगर निगम को मिली और आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार के प्रयास सफल हुए। विगत दिवस यहाँ संचालित हो रही 200 से अधिक इकाइयों में से आधे से ज्यादा 106 इकाइयों के संचालकों ने लाखों रुपए का कर नगर निगम के खजाने में जमा कर भी दिया।

जो विरोध कर रहे थे बाद में वही साथ आए

रिछाई औद्योगिक क्षेत्र के मामले में जब बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ था तब शुरुआती दौर में बहुत से उद्योगपतियों और यहां के उद्योग संगठन वालों ने नगर निगम के प्रस्ताव पर अवरोध खड़े कर अधिकारियों के खिलाफ  बयानबाजी की थी। लेकिन निगम प्रशासन ने इन सब बातों को दरकिनार करते हुए अपने प्रयास जारी रखे जो नगर हित में थे और रिछाई क्षेत्र के विकास से भी संबंधित हैं। इन प्रयासों के सफल होने के बाद नगर निगम का राजस्व भी अब प्रतिवर्ष बढ़ेगा।

विवादास्पद ट्रांसपोर्ट नगर के बाद अब  नया बाजार का मामला हाथों में लिया

आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार अलग शैली में काम कर रहे हैं। सामान्य रूप से प्रशासनिक अधिकारी ऐसे विषयों को नहीं छेड़ते जिनमें वर्षों पुराने विवाद जुड़े हैं। जबकि ऐसे मामले सीधे तौर पर नगर निगम के राजस्व से जुड़े हुआ करते हैं। नगर निगम की नियमावली से भी जुड़े हुआ करते हैं। लेकिन नगर निगम आयुक्त श्री अहिरवार ने नगर निगम से जुड़े वर्षों पहले के विवादास्पद मामलों को हल करने का काम खुद अपने हाथों में लिया है। विवादास्पद ट्रांसपोर्ट नगर में तथाकथित ट्रांसपोर्ट नगर के अध्यक्ष राजेश उर्फ  बबलू अग्रवाल के द्वारा हथियार गए 13 भूखंडों से जुड़ी हुई शिकायत हो, चाहे नगर निगम के अनुबंध का उल्लंघन करते हुए प्राप्त किए गए भूखंड हों सभी पर कार्यवाही करने हेतु बारीकी से जाँच आयुक्त द्वारा करवाई जा रही है। आने वाले एक पखवाड़े के अंदर ही चौंकाने वाली कार्यवाही विवादास्पद ट्रांसपोर्ट नगर के संबंध में नजर आएगी।

इसी प्रकार आयुक्त श्री अहिरवार ने नगर निगम के राजस्व विभाग की एक शाखा बाजार विभाग में विवादास्पद मामलों में सबसे पहले नंबर पर दर्ज नया बाजार के मसले को भी अपने हाथों में सुलझाने के लिए ले लिया है। नया बाजार मालवीय चौक से सुपरमार्केट के बीच भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद रिफ्यूजियों के लिए बसाया गया बाजार है। लेकिन समय के साथ-साथ यहाँ के व्यापारियों ने नियम विरुद्ध तरीके से यहां पर 20 फुट आगे सडक़ पर और 10 फुट पीछे दुकानों को बढ़ा लिया और 30 फुट का अवैध कब्जा कर लिया। इसके अलावा लगभग सभी दुकानों में बिना नगर निगम से नक्शा पास कराए, बिना बाजार विभाग की स्वीकृति लिए, बिना अग्निशमन दल का अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए, यहां पर आवंटित दुकानों को 2 से 3 मंजिल तक बढ़ा लिया।

40 करोड़ रुपए से अधिक है वसूली की राशि

इसके पूर्व में भी नया बाजार के मामले पर नगर निगम ने सख्ती की थी। उस दौरान राजस्व और बाजार विभाग ने लगातार गुणा भाग कर इन 65 दुकानदारों से शेष बकाया राशि की गणना की थी जो 40 करोड़ रुपए से अधिक के करीब निकली थी। लगभग इतनी ही राशि ट्रांसपोर्ट नगर के विवादों के सुलझ जाने के बाद नगर निगम के खाते में आएगी। इसके साथ ही नगर निगम को जो बड़ी राशि का राजस्व प्रतिवर्ष मिलना चाहिए वह भी नहीं मिल रहा है उस रुकावट को भी दूर किया जा सकेगा, और प्रतिवर्ष नगर निगम की आय में वृद्धि होगी।

आयुक्त ने किया दौरा

हाल ही में नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों और संबंधित विभाग प्रमुख के साथ नया बाजार क्षेत्र का दौरा किया है। आज सोमवार को यहां के व्यापारियों को चर्चा के लिए बुलाया गया है। उसके पूर्व राजस्व विभाग बाजार विभाग, नक्शा विभाग एवं अन्य संबंधित सभी विभागों से उनकी रिपोर्ट आयुक्त ने माँगी है। जिसके आधार पर व्यापारियों से बैठक के दौरान चर्चा की जाएगी।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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